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सुखीढांग में पेयजल संकट: भारी बारिश से बिजली ठप, बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण और पर्यटक

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सुखीढांग/चम्पावत। क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बरसात की वजह से विद्युत आपूर्ति ठप होने से सुखीढांग-बृजनगर-श्यामलाताल-कांडा पंपिंग पेयजल योजना पूरी तरह ठप हो गई है। इसके कारण स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र में पहुंच रहे पर्यटकों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंप न चलने से मुख्य पेयजल टैंकों में पानी का संग्रह नहीं हो पाया, जिससे रविवार को घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नलों में एक बूंद पानी भी नहीं टपका। विवश होकर लोग एकमात्र हैंडपम्प के दूषित पानी से काम चलाने को मजबूर हैं।

सुखीढांग और बृजनगर मुख्य यात्री पड़ाव हैं। इन दिनों आदि कैलाश, गुरुद्वारा रीठा साहिब और पहाड़ों की ओर जाने वाले बंगाली पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन सैकड़ों वाहन यहां रुकते हैं। स्थानीय होटल व भोजनालय स्वामियों—कमल किशोर (होटल सदाबहार), शंकर जोशी (जोशी भोजनालय), नाथ सिंह (राना भोजनालय) और मोहन चौड़ाकोटी (चौड़ाकोटी भोजनालय) ने बताया कि पानी न होने से पर्यटकों को जलपान और भोजन कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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तल्ला पाल विलौन संघर्ष समिति (सुखीढांग) के संयोजक पंडित शंकर जोशी ने प्रशासन से युद्धस्तर पर कार्य कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने और पेयजल संकट को तुरंत दूर करने की मांग की है। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों ने सुखीढांग की विद्युत लाइन को टनकपुर बस्टिया लाइन से जोड़ने की स्थाई मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो समिति का एक शिष्टमंडल इस बाबत देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।

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