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बाराकोट ब्लॉक में ओलावृष्टि और तेज बारिश से भारी नुकसान, किसानों ने की मुआवजे की मांग

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चम्पावत। गुरुवार को हुई ओलावृष्टि, मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनपद के विकास खंड बाराकोट में क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें, सब्जियां और फलदार पेड़ बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया है कि बाराकोट ब्लॉक के लगभग सभी गांवों में ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण खेती-किसानी को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्र के संपर्क मार्ग और खड़ंजे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी और पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख नंदाबल्लभ बगौली ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराने और किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर नुकसान का सही आंकलन किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।

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मुआवजे की मांग करने वालों में पुष्कर नाथ, मदन सिंह चौधरी, कैलाश चौधरी, पूरन नाथ, निर्मल नाथ, कृष्ण चौधरी , उमेश कालाकोटी समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे। प्राकृतिक आपदा के बाद क्षेत्र के लोगों की नजर अब जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है, जिससे प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।

बारिश ने आली बिसराड़ी क्षेत्र में भी भारी नुकसान पहुंचाया

बाराकोट/चम्पावत। गुरुवार को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने आली बिसराड़ी क्षेत्र में भी भारी नुकसान पहुंचाया। मूसलाधार बारिश की वजह से आए मलबे की चपेट में आने से कई वाहनों को नुकसान हुआ है।
नदेड़ा की ग्राम प्रधान किरन जोशी ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम को नदेड़ा बर्दाखान गांव में हुई अत्यधिक बारिश के कारण कई घरों में पानी और कीचड़ घुस गया। हालांकि, इस आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीण दहशत में हैं। गांव के मुख्य प्रभावितों में उमेश चंद्र जोशी, चंद्रशेखर जोशी, शंकर जोशी, राजीव जोशी, नवीन जोशी शामिल हैं।


इन ग्रामीणों के घरों में पानी भरने के कारण उन्हें अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में घरों से बाहर निकलना पड़ा। सड़क किनारे बने मकानों पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज जोशी के अनुसार, भंवर क्षेत्र में भी बारिश ने काफी नुकसान किया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के लिए रखा गया उनका एक टिप्पर रेता पानी के तेज बहाव में बह गया। क्षेत्र में कृषि भूमि और फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। ग्राम प्रधान किरन जोशी ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए उचित पुख्ता इंतजाम किए जाने बेहद जरूरी हैं, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।

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नवीन सिंह देउपा

नवीन सिंह देउपा सम्पादक चम्पावत खबर प्रधान कार्यालय :- देउपा स्टेट, चम्पावत, उत्तराखंड