धामी सरकार के पांच साल: चम्पावत में विकास की नई तस्वीर, 188 से अधिक परियोजनाओं पर तेजी से काम
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी, साइंस सेंटर, शारदा घाट पुनर्विकास और ड्राई पोर्ट समेत करोड़ों की योजनाओं ने बदली जिले की विकास की दिशा
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार के पांच वर्ष पूरे होने के साथ ही उनके गृह जनपद चम्पावत में विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त सामने आई है। इन पांच वर्षों में जिले के लिए 188 से अधिक छोटे-बड़े विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि अनेक पर तेजी से कार्य चल रहा है।
सबसे प्रमुख परियोजनाओं में प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी), साइंस सेंटर, शारदा घाट पुनर्विकास, ड्राई पोर्ट, गोल्ज्यू कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर शामिल हैं।

प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं
- टनकपुर में 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी का निर्माण, लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा।
- 256 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन।
- खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा।
- 8.99 करोड़ से राजकीय वृद्धाश्रम और 7.99 करोड़ से फायर स्टेशन का निर्माण जारी।
- 14.25 करोड़ से मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस एवं कम्युनिटी हॉल का निर्माण।
- 13.86 करोड़ से चम्पावत तहसील भवन निर्माण।
- नायकगोठ-हनुमानगढ़ी मोटर मार्ग पर 13.77 करोड़ की लागत से आर्च पुल का निर्माण पूरा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश
सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
- पॉलिटेक्निक कॉलेज चम्पावत (18 करोड़) और टनकपुर (16 करोड़) के भवन तैयार।
- टनकपुर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 66 बेड का महिला छात्रावास लगभग 82 प्रतिशत पूर्ण।
- सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, मिनी स्टेडियम और चारदीवारी के लिए 20.46 करोड़ स्वीकृत।
- जिले के 100 सरकारी विद्यालयों का आधुनिकीकरण जारी।
- राजकीय इंटर कॉलेज चम्पावत, टनकपुर और लोहाघाट में छात्रावास एवं पुस्तकालय निर्माण कार्य प्रगति पर।
पर्यटन और धार्मिक विकास
पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है।
- पूर्णागिरि-ठुलीगाड़ पार्किंग के लिए 30.81 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- लोहाघाट, रीठा साहिब और देवीधूरा में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण।
- एबट माउंट में हेलीपोर्ट का निर्माण।
- पंचेश्वर में एंगलिंग सेंटर विकसित।
- मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पाताल रुद्रेश्वर और अन्य प्रमुख मंदिरों का विकास कार्य जारी।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
- टनकपुर में 50 बेड के आयुष चिकित्सालय का निर्माण (19.81 करोड़)।
- लगभग 20 करोड़ की लागत से सीसीयू का निर्माण।
- 3.5 करोड़ से पीआईसीयू की स्थापना।
- एमआरआई मशीन का लोकार्पण और अस्पतालों का उच्चीकरण।
पेयजल और बाढ़ सुरक्षा
- लोहाघाट सरयू लिफ्ट पेयजल योजना के लिए 84.45 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- पूर्णागिरि क्षेत्र की लादीगाड़ पंपिंग योजना पर कार्य जारी।
- शारदा नदी तटबंध और बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
करोड़ों के मेगा प्रोजेक्ट
चम्पावत जिले में कई बड़ी परियोजनाएं भी स्वीकृत हुई हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- शारदा घाट पुनर्विकास (107.35 करोड़)
- इंटीग्रेटेड क्राउड मैनेजमेंट सेंटर, टनकपुर (106.60 करोड़)
- नायक-खेरा इकोलॉजिकल कॉरिडोर (85.23 करोड़)
- चम्पावत सिटी ड्रेनेज प्लान (66.49 करोड़)
- नया राज्य अतिथि गृह, टनकपुर (61.79 करोड़)
- जिला मुख्यालय में साइंस सेंटर (55.53 करोड़)
- जिला कारागार भवन निर्माण (55.68 करोड़)
- किरोड़ा नाले पर 48.37 करोड़ की लागत से पुल निर्माण
इन परियोजनाओं के माध्यम से चम्पावत में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल, सड़क, पेयजल, आपदा प्रबंधन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक विकास कार्यों को गति मिली है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के पूरा होने से जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

