सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया हनुमान चालीसा का पाठ, आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का धरना प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी
चम्पावत। जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों, सेविकाओं एवं मिनी कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत कार्यकर्तियों ने सरकार की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए धरना स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार की सद्बुद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जिससे उनमें निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कार्यकर्तियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों को लेकर पूर्व में भी कई बार अखबारों एवं ज्ञापनों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा चुकी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्तियो की प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों, सहायिकाओं व मिनी कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मानदेय में वृद्धि कर न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सेवानिवृत्ति पर पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं।

भैरवां टैक्सी स्टैंड धरना स्थल में बैठी कार्यकर्तियों का कहना है कि लंबे समय से अपनी छोटी-छोटी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार से झूठे आश्वासन मिले। उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। धरने में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों ने भाग लिया और एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष दीपा पांडे, प्रदेश सदस्य विमला पानेरू, ब्लॉक सदस्य लीलावती जोशी, उमा त्रिपाठी, शांति गोस्वामी, सुनीता पांडे समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के जिला अध्यक्ष दीपेश शर्मा और कार्यकर्ताओं ने उन्हें समर्थन प्रदान किया तथा उनकी मांगों को जायज बताया।

