जय श्रीराम के उद्घोष और भक्ति रस से सराबोर हुआ लोहाघाट, कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीराम कथा

लोहाघाट/चम्पावत। बुधवार को लोहाघाट नगर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन गाथा से भक्तिमय हो उठा। देवांचल सेवा संस्थान के तत्वावधान में रामलीला मैदान में आयोजित श्रीराम कथा का शुभारंभ बुधवार को भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। नगर की महिलाओं ने मंगलगीतों और धार्मिक उल्लास के बीच कलश यात्रा निकालकर पूरे नगर को श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।
सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता से निकली कलश यात्रा ने नगर में आध्यात्मिक वातावरण का संचार कर दिया। यात्रा में कथा व्यास पुराणों के मर्मज्ञ आचार्य प्रकाश कृष्ण शास्त्री, सतीश चंद्र पांडेय सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे। पूरे मार्ग में ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष और भक्ति रस से सराबोर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

रामलीला मैदान में कथा का वाचन कर रहे आचार्य प्रकाश कृष्ण शास्त्री कुमाऊंनी भाषा में श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं। अपनी मातृभाषा में कथा सुनने का अवसर मिलने से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा के माध्यम से जहां श्रद्धालु भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ रहे हैं, वहीं अपनी लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति भी लोगों का जुड़ाव मजबूत हो रहा है।

विभिन्न सुर, लय, ताल और मधुर संगीत से सजी कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री ने भगवान श्रीराम के अवतरण से पूर्व की घटनाओं और राम जन्म की पावन पृष्ठभूमि का विस्तार से वर्णन किया। कथा के अमृतमय प्रवचन सुनने के लिए रामलीला मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और देर तक भक्तजन भक्ति रस में डूबे रहे। आयोजन को सफल बनाने के लिए रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, देवांचल सेवा संस्थान के सदस्य तथा नगर के धर्मप्रेमी नागरिक पूरे समर्पण भाव से जुटे हुए हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया है।



