दर्दनाक हादसा : डंपर की चपेट में आए स्कूटी सवार युवक की मौत
सड़क पार करते समय हुआ हादसा, मृतक की पहचान कमल पांडे के रूप में
हल्दूचौड़/नैनीताल। हल्दूचौड़ चौराहे पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज गति से आ रहे डंपर की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। मृतक की पहचान कमल पांडे पुत्र पूरन पांडे, निवासी हिम्मतपुर चौमवाल, बेरीपड़ाव के रूप में बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कमल पांडे स्कूटी से हल्दूचौड़ चौराहे पर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रहे डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत होने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। दुर्घटना में शामिल डंपर को पुलिस द्वारा पकड़ लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के समय डंपर की गति कितनी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
व्यस्त चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हल्दूचौड़ चौराहे पर हुए हादसे ने एक बार फिर व्यस्त चौराहों और हाईवे पर यातायात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौराहे पर दिनभर भारी वाहनों के साथ दोपहिया और अन्य वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करना राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक जिम्मेदार विभाग सक्रिय नजर आते हैं। निरीक्षण किए जाते हैं और यातायात व्यवस्था सुधारने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है।
लोगों ने मांग की है कि हादसे के बाद केवल निरीक्षण और आश्वासन तक कार्रवाई सीमित न रहे। दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्पष्ट रोड मार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, प्रभावी संकेतक, गति नियंत्रण और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कमल पांडे की मौत की सूचना से हिम्मतपुर चौमवाल और बेरीपड़ाव क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क हादसे सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देते हैं।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से हल्दूचौड़ चौराहे समेत अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की स्थायी समीक्षा कर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे के बाद मुआयना और आश्वासन नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने सदस्य को खोने का दर्द न झेलना पड़े।

