10 से 16 किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे, विद्या वाहिनी योजना का लाभ न मिलने पर रोष
दिगालीचौड़ जीआईसी के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा की मांग, ग्रामीणों ने डीएम को भेजा प्रस्ताव
लोहाघाट/चम्पावत। राजकीय इंटर कॉलेज दिगालीचौड़ में दूरस्थ गांवों से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कई विद्यार्थियों को रोजाना 10 से 16 किलोमीटर या इससे भी अधिक दूरी पैदल तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। कुछ बच्चे दो से ढाई घंटे तक पैदल चलने के बाद स्कूल पहुंचते हैं। इससे उनकी पढ़ाई, उपस्थिति और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
विद्यालय के विद्यार्थियों को विद्या वाहिनी योजना का लाभ नहीं मिलने से अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। समस्या के समाधान को लेकर विद्यालय में एसएमसी, पीटीए, ग्राम प्रधानों और अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों के लिए विद्या वाहिनी अथवा अन्य वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव पर 50 से अधिक ग्रामीणों और अभिभावकों ने हस्ताक्षर किए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विद्यार्थियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जल्द परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्राम प्रधान बांकू हरीश कुमार, बिंडा पूजा देवी, चौड़ला पूजा बोहरा, एसएमसी अध्यक्ष गोविंदी देवी और पीटीए अध्यक्ष ललित कुमार भट्ट समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों को रोजाना लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। इससे उन्हें विद्यालय पहुंचने में काफी समय लग जाता है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बच्चों के लिए प्रतिदिन इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए कम से कम एक-दो छोटे वाहनों की व्यवस्था जल्द की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को राहत मिल सके और वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

