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अल्मोड़ा में निर्माणाधीन दीवार बनी काल, मलबे में दबकर दो नेपाली श्रमिकों की मौत

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धार की तूनी क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा, एसडीआरएफ ने मलबा हटाकर दोनों श्रमिकों को निकाला

अल्मोड़ा। मुख्य बाजार से कुछ ही दूरी पर धार की तूनी क्षेत्र में मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। अचानक निर्माणाधीन दीवार का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर वहां काम कर रहे दो नेपाली श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए।

जानकारी के अनुसार, धार की तूनी क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन दीवार का एक हिस्सा ढह गया। वहां काम कर रहे दोनों श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए। एसडीआरएफ की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर श्रमिकों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि, दोनों को बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल के मुताबिक, घटनास्थल का जायजा लिया जा रहा है। दीवार गिरने के कारणों के साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। दोनों मृतकों के संबंध में आवश्यक कागजी और विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।

गौरतलब है कि अल्मोड़ा जिले में मलबे से जुड़ा यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले हवालबाग ब्लॉक में मलबे में दबने की घटना में तीन लोगों की जान जा चुकी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निर्माण कार्यों और आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार की तूनी हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और आवश्यक इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और इसके लिए जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।