उत्तराखण्डक्राइमनवीनतम

उत्तराखंड : अस्पताल से चलाया जा रहा था नशे का कारोबार, एसटीएफ ने 28 हजार से अधिक नशीली दवाओं के साथ दो को किया गिरफ्तार

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री देवभूमि बनाने के अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। इसके तहत कार में सवार दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों नशा तस्कर हॉस्पिटल के कर्मचारी ही निकले। एसटीएफ का दावा है कि हॉस्पिटल संचालक अपने कर्मचारियों के साथ नशीली दवाईयों की तस्करी करने के धंधे में लिप्त है। पकड़े गये नशा तस्करों से 28800 नशीली दवाईयां बरामत की गई। उनकी डस्टर कार को सीज कर लिया गया है।
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ टीम) ने गत देर रात में थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार स्थित सालियार रोड के पास से एक डस्टर कार से 28,800 प्रतिबंधित नशीली दवाईयां बरामद कीं। इस दौरान कार में सवार वलीम अहमद पुत्र इरफान अली निवासी हरजोली झोझा थाना झबरेड़ा जिला हरिद्वार और अमान अंसारी पुत्र मोहम्मद युसूफ निवासी पिरान कलियर को गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि दोनों नशीली दवाओं को हरिद्वार शहर क्षेत्र में बेचने ला रहे थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे गणेशपुर रुड़की स्थित दीपशिखा हॉस्पिटल में काम करते हैं। उसके संचालक के साथ मिलकर देवबंद, उत्तर प्रदेश से नशीली दवाईयां लाकर जनपद हरिद्वार में बेचते हैं।

Ad Ad