उत्तराखंड : यहां मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोया जा रहा था 90 किलो गांजा, पुलिस ने चालक को दबोचा
श्रीनगर/पौड़ी। उत्तराखंड में नशा तस्करों के हौसले किस कदर बढ़ते जा रहे हैं, इसका हैरान करने वाला मामला पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर से सामने आया है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली ईको एंबुलेंस नशे की तस्करी का जरिया बन गई। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एंबुलेंस से करीब 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर एंबुलेंस सीज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली श्रीनगर पुलिस की टीम आवास विकास ग्राउंड के पास वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ईको एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान एंबुलेंस के अंदर रखे 9 कट्टों से कुल 90 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक 45 वर्षीय रविंद्र सिंह बिष्ट, पुत्र स्वर्गीय कृपाल सिंह, निवासी चौरास, थाना कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल, हाल निवासी श्रीनगर को गिरफ्तार कर लिया।

रुद्रप्रयाग से गांजा लाकर श्रीनगर में बेचने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह श्रीकोट में उक्त एंबुलेंस का संचालन करता है। आरोपी एक अन्य सहयोगी के साथ रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजा खरीदकर श्रीनगर ला रहा था। उसने गांजा कम कीमत पर खरीदकर श्रीनगर में ऊंचे दाम पर बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में पकड़ा जा चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में आबकारी अधिनियम के तहत भी आपराधिक मामला दर्ज है।
NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई एंबुलेंस को सीज कर दिया गया है। पुलिस अब आरोपी के साथ जुड़े अन्य लोगों और गांजे की सप्लाई चेन के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस का नशे की तस्करी में इस्तेमाल होना पुलिस के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में जुट गई है।

