लोहाघाट में डॉक्टर की मौत के बाद जागा प्रशासन: डीएम के निर्देश पर बाड़ीगाड़ क्षेत्र में सुरक्षा रेलिंग और सोलर लाइट का कार्य शुरू
लोहाघाट/चम्पावत। बाड़ीगाड़ क्षेत्र में युवा दंत चिकित्सक की खोले में गिरने से हुई दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थानीय जनता के भारी आक्रोश और पालिका प्रशासन की लापरवाही के विरोध के बाद, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में तुरंत सुरक्षा रेलिंग और सोलर लाइट लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं, जिसके तहत आज गुरुवार से धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
मालूम हो कि मंगलवार रात लगभग 10:00 बजे के आसपास लोहाघाट के बाड़ीगाड़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां अपने आवास के सामने बाड़ीगाड़ में गिरने से मायावती अस्पताल में तैनात डॉक्टर लोकेश जोशी की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पालिका लोहाघाट को दुर्घटना का जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा रेलिंग और सोलर लाइट की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके कारण डॉक्टर लोकेश अनजाने में गड्ढे में गिर गए और उनकी जान चली गई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने इस युवा चिकित्सक के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख जताते हुए भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बाड़ीगाड़ के दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में तुरंत सुरक्षा रेलिंग और सोलर लाइट लगाने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी के इन आदेशों के बाद आज गुरुवार से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा रेलिंग लगाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। त्वरित कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार का आभार व्यक्त किया है, हालांकि लोगों में पालिका प्रशासन के प्रति अब भी रोष है। उनका कहना है कि अगर पालिका प्रशासन समय रहते जाग गया होता, तो आज एक होनहार युवा चिकित्सक हमारे बीच होता। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने नगर में खेल मैदान न होने का मुद्दा भी उठाया, जिसके कारण बच्चे अक्सर सड़कों पर खेलने को मजबूर हैं और हादसों का खतरा बना रहता है। फिलहाल, जिलाधिकारी की इस पहल से लोगों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है।


