चम्पावत : जांबाज़ बस चालक बेनीराम थवाल का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार: 34 यात्रियों की जान बचाकर दी शहादत
चम्पावत। लोहाघाट-घाट एनएच पर कल लोहाघाट के समीप ग्राम राईकोट महर के पास हुई दर्दनाक रोडवेज बस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले जांबाज़ बस चालक स्वर्गीय बेनीराम थवाल की आज गुरुवार को गमगीन माहौल में ग्राम बडोली के स्थानीय श्मशान घाट में अंत्येष्टि कर दी गई। इस भावुक क्षण में उनके छोटे पुत्र और भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी विपिन चंद्र पंत के नेतृत्व में तहसीलदार बृजमोहन आर्य, राजस्व उप निरीक्षक शुभम पुजारी, बसंत भंडारी और हरीश राम सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

उप जिलाधिकारी विपिन चंद्र पंत ने अंत्येष्टि में शामिल होकर स्थानीय श्मशान घाट में शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का दृढ़ भरोसा दिलाया। स्वर्गीय बेनीराम थवाल की अंतिम यात्रा में भारी तादाद में स्थानीय लोग मौजूद रहे और सभी ने उनकी मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय बेनीराम एक बेहद व्यवहार कुशल व्यक्ति थे, जो यात्रियों और अपने साथियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय चालक के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने दुर्घटना के वक्त सूझबूझ दिखाते हुए 34 यात्रियों की जान बचाई और खुद शहादत दे दी। वहीं बीते कल जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार ने भी उनके आवास पर जाकर परिजनों से मुलाकात की और अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की थीं। इसके साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनके पुत्र से फोन के माध्यम से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अंतिम संस्कार के समय प्रेम थवाल, भावेश थवाल, दुर्गा दत्त, ईश्वरी दत्त, राजस्व उप निरीक्षक शुभम पुजारी, बसंत भंडारी और हरीश राम सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

