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बनबसा : MES में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में दो गिरफ्तार

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पुलिस के अनुसार 35 जॉइनिंग लेटर, MES से संबंधित मोहर-स्टांप और दस्तावेज बरामद; मामले की जांच जारी

बनबसा/चम्पावत। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में बनबसा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से जॉइनिंग लेटर, MES से संबंधित मोहर-स्टांप, स्टांप पैड, दस्तावेज, मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस मामले में अन्य संभावित पीड़ितों और लेनदेन से संबंधित तथ्यों की भी जांच कर रही है।

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पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर 2026 को मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) से मिली सूचना के बाद गुरु शरण सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह, निवासी वार्ड नंबर-5 टनकपुर, हाल निवासी डडा फार्म सितारगंज की शिकायत पर थाना बनबसा में FIR संख्या 76/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि धीरज सक्सेना पुत्र सुभाष चंद्र सक्सेना, निवासी ग्राम भजनपुर, थाना बनबसा तथा गणेश बहादुर पुत्र लाल बहादुर, निवासी ग्वाल गांव, थाना धारचूला, पिथौरागढ़ ने उसे MES में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। शिकायत के अनुसार, इस संबंध में उससे 5 हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए गए।

नियुक्ति पत्र और बायोमेट्रिक के नाम पर बुलाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को 28 सितंबर को नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए कमल पथ आर्मी एरिया, बनबसा के पास बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर उसे कुछ अन्य लोग भी मिले, जिन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने भी MES में नौकरी के लिए संबंधित व्यक्तियों को धनराशि दी थी और उन्हें नियुक्ति पत्र व बायोमेट्रिक के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, इन लोगों में खटीमा निवासी सोनिया जोशी और कविता जोशी तथा राजस्थान निवासी उमेश भारद्वाज और धारा सिंह बैरवा समेत अन्य लोग शामिल थे। मामले में इन व्यक्तियों के बयानों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौके से धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर के चले जाने के बाद प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया तथा आरोपियों की तलाश के लिए थाना बनबसा और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।

पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम ने देर रात धीरज सक्सेना और गणेश बहादुर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, धीरज सक्सेना के पास से 35 लोगों से संबंधित जॉइनिंग लेटर, MES से संबंधित दो स्टांप, स्टांप पैड, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं गणेश बहादुर के पास से 11 लोगों की फाइलों में नियुक्ति पत्र एवं अन्य प्रपत्र, मेडिकल प्रमाण पत्र और मोबाइल फोन मिलने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा पुलिस ने TVS Wego स्कूटी संख्या UK07AC-3133 भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, धीरज सक्सेना के मोबाइल फोन की जांच में कई लेनदेन का विवरण मिला है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

मोहर और दस्तावेज भी बरामद

पुलिस के मुताबिक, धीरज सक्सेना से रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन, स्टांप पैड, AGE (MES) BANBASA की मोहर, महिला एवं पुरुषों के फोटो तथा नमूना मोहर और एक फोल्डर में रखे दस्तावेज बरामद हुए हैं।
गणेश बहादुर से वीवो कंपनी का मोबाइल फोन, GE PITHORAGARH की स्टांप मोहर और फोटो बरामद होने की बात पुलिस ने बताई है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई लोगों से नौकरी के नाम पर धनराशि लिए जाने संबंधी जानकारी सामने आई है। पुलिस बरामद दस्तावेजों, मोबाइल फोन में मिले लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस टीम में विनय मित्तल, थानाध्यक्ष बनबसा; कमलेश भट्ट, प्रभारी SOG; अपर उपनिरीक्षक धीरेंद्र बिष्ट; हेड कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल; कांस्टेबल रविंद्र वर्मन; कांस्टेबल ललित चौधरी (SOG); कांस्टेबल मदन सिंह तथा कांस्टेबल कुलदीप सिंह (SOG) टीम में शामिल रहे।