अल्मोड़ानवीनतमराजनीति

जागेश्वर में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व राज्य मंत्री दिनेश कुंजवाल ने थामा यूकेडी का दामन

ख़बर शेयर करें -

अल्मोड़ा। विधानसभा चुनाव से पहले जागेश्वर विधानसभा सीट पर कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं जागेश्वर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे और पूर्व राज्य मंत्री दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) का दामन थाम लिया है। उनके यूकेडी में शामिल होने को जागेश्वर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

दिनेश कुंजवाल के इस कदम से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जागेश्वर के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। जागेश्वर लंबे समय से कांग्रेस की मजबूत राजनीतिक जमीन रही है और कुंजवाल परिवार का क्षेत्र की राजनीति में खासा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में परिवार से जुड़े एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे का कांग्रेस से अलग होना पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

Ad Ad

कुंजवाल परिवार से रहा है सीधा संबंध

दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल से पारिवारिक संबंध है। गोविंद सिंह कुंजवाल जागेश्वर से लंबे समय तक कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस छोड़कर यूकेडी में जाना राजनीतिक रूप से खासा मायने रखता है।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि दिनेश कुंजवाल के साथ कांग्रेस के कितने स्थानीय नेता और कार्यकर्ता यूकेडी का रुख करते हैं। यदि उनका प्रभाव क्षेत्र के समर्थकों तक पहुंचता है तो इसका असर कांग्रेस के पारंपरिक वोट समीकरण पर पड़ सकता है।

यूकेडी को मिल सकती है नई मजबूती

उत्तराखंड क्रांति दल लंबे समय से प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में कांग्रेस के प्रभाव वाले जागेश्वर क्षेत्र से पूर्व राज्य मंत्री और कुंजवाल परिवार से जुड़े राजनीतिक चेहरे का यूकेडी में शामिल होना दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यदि यूकेडी दिनेश कुंजवाल के राजनीतिक प्रभाव को संगठन विस्तार में बदलने में सफल रहती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव में जागेश्वर सीट पर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा तक सीमित रहने के बजाय त्रिकोणीय हो सकता है।

कांग्रेस और भाजपा दोनों की बढ़ेंगी चुनौतियां

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने अब स्थानीय संगठन को एकजुट रखने की चुनौती होगी। पार्टी को यह भी देखना होगा कि दिनेश कुंजवाल के साथ जुड़े समर्थकों का रुख क्या रहता है। वहीं भाजपा भी कांग्रेस के भीतर पैदा हुई इस राजनीतिक हलचल को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिनेश कुंजवाल का यूकेडी में जाना सिर्फ एक नेता के दल बदलने तक सीमित रहेगा या फिर जागेश्वर में बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत करेगा। आने वाले दिनों में उनके अगले राजनीतिक कदम और समर्थकों की भूमिका से तस्वीर और साफ होगी।