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बड़े अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद बढ़ाने की मांग, विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर उठी आवाज

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चम्पावत। विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने जिले के सुदूरवर्ती और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे फार्मेसी अधिकारियों को नमन करते हुए प्रमुख चिकित्सालयों में फार्मासिस्टों के स्वीकृत पद बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई है।

गोस्वामी ने कहा कि चम्पावत जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पर्वतीय जनपद में फार्मेसी अधिकारी सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दे रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा से लगे तामली और बनबसा से लेकर पुल्ला, रीठा साहिब, देवीधुरा, पाटी, लुपड़ा, धूरा और टांड जैसे दुर्गम क्षेत्रों में फार्मेसी अधिकारी खराब मौसम, भूस्खलन और कठिन आवागमन के बीच ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपात परिस्थितियों में जब चिकित्सकों की पहुंच भी मुश्किल हो जाती है, तब फार्मेसी अधिकारी कई बार प्रथम उपचारकर्ता (First Responder) की भूमिका निभाते हुए मरीजों को तत्काल उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हैं।

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500 से अधिक ओपीडी, लेकिन फार्मासिस्टों के सिर्फ दो-दो पद

डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने जिले के प्रमुख चिकित्सालयों में फार्मेसी अधिकारियों की कमी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय चम्पावत, उप जिला चिकित्सालय टनकपुर और उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है। इसके बावजूद इन प्रमुख अस्पतालों में फार्मेसी अधिकारियों के केवल दो-दो पद स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि दवा वितरण के साथ दवाओं का सुरक्षित भंडारण, ऑनलाइन एंट्री, रिकॉर्ड प्रबंधन और मरीजों से जुड़े अन्य कार्यों का इतना बड़ा जिम्मा केवल दो फार्मेसी अधिकारियों के भरोसे चलाना बेहद कठिन है। इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है और दवा वितरण के दौरान लंबी कतारों के साथ कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता है।

सरकार से पद बढ़ाने और दुर्गम क्षेत्रों में सुविधाएं देने की मांग

विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर गोस्वामी ने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से प्रमुख अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुपात में फार्मेसी अधिकारियों के नए पद स्वीकृत करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय चम्पावत, उप जिला चिकित्सालय टनकपुर और उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में ओपीडी के दबाव को देखते हुए फार्मासिस्टों के पदों में आवश्यक वृद्धि की जानी चाहिए। साथ ही सुदूरवर्ती और सीमावर्ती स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात फार्मेसी अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की। गोस्वामी ने कहा कि संसाधनों और पदों की कमी के बावजूद चम्पावत के फार्मेसी अधिकारी ‘सेवा परमो धर्मः’ के संकल्प के साथ जिले के अंतिम गांव तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर जिले के सभी फार्मेसी अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और जनपदवासियों को शुभकामनाएं दीं।