लाइसेंस की आड़ में हथियारों का बड़ा खेल बेनकाब, 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस और 119 हथियार जब्त
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर पुलिस ने फर्जी और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान चलाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस और 119 हथियार जब्त किए हैं। जांच में कई लाइसेंस बाहरी राज्यों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से संदिग्ध तरीके से जारी पाए गए हैं। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की विशेष टीमें अब दूसरे राज्यों में भी जांच करेंगी।
मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि अभियान की शुरुआत 11 जून को कुंडा थाना क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुई। विवेचना में खुलासा हुआ कि कुछ लोग बाहरी राज्यों और यूपी के गैर जनपदों से संदिग्ध तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियार खरीद रहे थे। इसके बाद 25 जून को तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया गया।

एसएसपी ने बताया कि सत्यापन के लिए 678 शस्त्र लाइसेंस चिह्नित किए गए थे, जिनमें से अब तक 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा हो चुका है। जांच में 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जबकि 94 लाइसेंस पुलिस ने कब्जे में लेकर 119 हथियार जब्त किए हैं। संदिग्ध लाइसेंसों की वैधानिकता और उन्हें जारी करने की प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है।
थानावार कार्रवाई में बाजपुर सबसे आगे रहा। इसके अलावा केलाखेड़ा, गदरपुर, सितारगंज, कुंडा, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर और दिनेशपुर क्षेत्रों में भी संदिग्ध लाइसेंसों पर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा, नियमों का उल्लंघन या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
52 लाइसेंसों का सत्यापन अभी बाकी
पुलिस के अनुसार, चिह्नित 678 लाइसेंसों में से 52 लाइसेंसों का सत्यापन अभी शेष है। नानकमत्ता, आईटीआई, बाजपुर, खटीमा और दिनेशपुर समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें दस्तावेजों का मिलान और लाइसेंस धारकों का सत्यापन कर रही हैं। शेष जांच पूरी होने के बाद संदिग्ध लाइसेंसों की संख्या में बदलाव संभव है।

बाहरी राज्यों के लाइसेंस जांच के घेरे में
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि जांच में कई लाइसेंस उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों से जारी पाए गए हैं। इन्हीं लाइसेंसों के आधार पर हथियार खरीदे जाने की जानकारी मिलने के बाद विशेष अभियान शुरू किया गया। पुलिस संबंधित राज्यों और जिलों से रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।
दूसरे राज्यों में जाएगी पुलिस टीम
एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पंजाब, अमृतसर और उत्तर प्रदेश से फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार किए जाने के संकेत मिले हैं। मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष पुलिस टीमें इन राज्यों में भेजी जाएंगी। यदि जांच में फर्जीवाड़ा सिद्ध होता है तो संबंधित लाइसेंस निरस्त कराने के साथ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

