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ऑपरेशन सिंदूर के छह अमर शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय समर स्मारक के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज हुए नाम

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के छह बहादुर जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इस सैन्य अभियान में सशस्त्र बलों को हुए नुकसान का यह पहला आधिकारिक खुलासा माना जा रहा है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन छह वीर जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) की डिजिटल और भौतिक ‘रोल ऑफ ऑनर’ दीवार पर सम्मानपूर्वक अंकित कर दिए गए हैं। इनके नाम अब उन अमर वीरों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।

राष्ट्रीय समर स्मारक के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज हुए नाम

केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन छह वीर जवानों के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ अनुभाग में भी प्रकाशित किए गए हैं। इन नामों के सार्वजनिक होने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए सैन्य बलिदानों की आधिकारिक पुष्टि भी सामने आई है। इसके साथ ही यह अभियान देश के उन ऐतिहासिक सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय स्मारक में स्थायी रूप से याद रखा जाएगा।

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सेना और वायुसेना ने मिलकर चलाया था अभियान

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर भारतीय थल सेना और भारतीय वायुसेना का संयुक्त सैन्य अभियान था। अभियान में दोनों सेनाओं के जवानों ने समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान छह सैनिकों ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर किए।

ऑपरेशन सिंदूर के अमर बलिदानी

  • सूबेदार मेजर पवन कुमार – 10 इन्फेंट्री ब्रिगेड मुख्यालय
  • हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी
  • लांस नायक दिनेश कुमार – 05 फील्ड रेजीमेंट
  • राइफलमैन सुनील कुमार – 04 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (मरणोपरांत वीर चक्र)
  • एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरली नाइक – 851 लाइट रेजीमेंट
  • सार्जेंट सुरेंद्र कुमार – 39 विंग, भारतीय वायुसेना (मरणोपरांत वायुसेना पदक – वीरता)

क्या था ऑपरेशन सिंदूर?

केंद्र सरकार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में संचालित एक संयुक्त सैन्य अभियान था। यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी।

6-7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमा पार स्थित आतंकवादी संगठनों के नौ प्रमुख ठिकानों और लॉन्च पैड पर सटीक कार्रवाई की थी। सरकार के अनुसार, इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे, जबकि भारतीय सेना ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और नागरिक क्षेत्रों को नुकसान से बचाने का प्रयास किया।