चम्पावत को पहली बार उत्तराखंड भाषा संस्थान में मिला प्रतिनिधित्व
डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा सामान्य सभा के सदस्य नामित, साहित्य एवं लोकभाषा जगत में खुशी
चम्पावत। उत्तराखंड की लोकभाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में चम्पावत जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। उत्तराखंड शासन के भाषा विभाग द्वारा 27 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार चम्पावत निवासी डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा को उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून की सामान्य सभा का सदस्य नामित किया गया है।
डॉ. शक्टा को उत्तराखंड की लोकभाषा के साहित्यकार के रूप में सामान्य सभा में स्थान दिया गया है। शासन की ओर से नामित सदस्यों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ हिन्दी, कुमाऊँनी, गढ़वाली, जौनसारी, पंजाबी एवं नेपाली भाषा-साहित्य से जुड़े साहित्यकारों और भाषाविदों को भी शामिल किया गया है। डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा का मनोनयन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड भाषा संस्थान की सामान्य सभा में चम्पावत जिले को पहली बार प्रतिनिधित्व मिला है। उनके मनोनयन से जिले की लोकभाषा, लोकसाहित्य और सांस्कृतिक विरासत को राज्य स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है।
डॉ. शक्टा ग्राम खर्काकर्की, पोस्ट चम्पावत के निवासी हैं और लंबे समय से लोकभाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उनके मनोनयन की खबर से जिले के साहित्यकारों, भाषा प्रेमियों और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।

हिन्दी दिवस समारोह में जनार्दन चिलकोटी को आमंत्रण
इसी क्रम में उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून की ओर से 13 एवं 14 सितम्बर 2026 को आयोजित हिन्दी दिवस समारोह में चम्पावत के जनार्दन चिलकोटी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
संस्थान की उप निदेशक जसविन्दर कौर की ओर से भेजे गए आमंत्रण पत्र में जनार्दन चिलकोटी से समारोह में उपस्थित होकर संस्थान को अनुगृहीत करने का अनुरोध किया गया है। समारोह में मुख्यमंत्री, भाषा मंत्री, उत्तराखंड सरकार तथा प्रबुद्ध साहित्यकारों की उपस्थिति प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को हिन्दी, उर्दू, पंजाबी, कुमाऊँनी, गढ़वाली, जौनसारी सहित अन्य भाषाओं में आयोजित भाषायी लेखन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
साहित्य एवं भाषा जगत ने दी शुभकामनाएँ
डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा के मनोनयन पर जिले के साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं भाषा प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। शुभकामना देने वालों में डॉ. बी.सी. जोशी, डॉ. तिलक राज जोशी, डॉ. विष्णु दत्त भट्ट, डॉ. ललित मोहन, डॉ. सुमन पाण्डेय, डॉ. कमलेश शाक्टा, डॉ. सतीश पाण्डेय, डॉ. स्वाति जोशी, भूपेन्द्र देव ‘ताऊ’, नवीन पंत, हिमांशु जोशी, कमला वेदी, राम प्रसाद, डॉ. सामश्रवा, पुष्कर सिंह बोहरा, ‘पहरू’ कुमाऊँनी मासिक पत्रिका/संस्था के संस्थापक डॉ. हयात सिंह रावत तथा ‘आदिल-क़ुशलि’ कुमाऊँनी पत्रिका/संस्था की संस्थापक डॉ. सरस्वती कोहली आदि शामिल हैं।
साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों ने कहा कि चम्पावत जैसे सीमांत जिले के साहित्यकार को उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की सामान्य सभा में स्थान मिलना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। इससे कुमाऊँनी सहित उत्तराखण्ड की लोकभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा का यह मनोनयन केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि चम्पावत की समृद्ध लोकभाषा, साहित्य और सांस्कृतिक परंपरा का भी सम्मान है।

