टनकपुर दशहरा महोत्सव में पहुंचे सीएम धामी, भागवत कथा सुनी; 237 करोड़ के आईएसबीटी समेत विकास योजनाओं का किया जिक्र
छोलिया नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ स्वागत, बोले मुख्यमंत्री- धार्मिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं के संग आगे बढ़ रहा चम्पावत
टनकपुर/चम्पावत। दशहरा महोत्सव के अवसर पर शनिवार को टनकपुर में आस्था, भक्ति और लोक संस्कृति का संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित महोत्सव में प्रतिभाग कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। पारंपरिक छोलिया नृत्य और बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने चम्पावत जिले में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।



मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टनकपुर पहुंचे, जहां जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने स्पोर्ट्स हॉस्टल के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद करने के बाद कैम्प कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।


भागवत कथा में लिया हिस्सा, लोक संस्कृति ने बांधा समां
दशहरा महोत्सव स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और नवयुवक रामलीला कमेटी ने पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस दौरान बाबा नीम करौली महाराज पर आधारित भक्ति गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे भगवान, सागर में नैया डार देई’ ने श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर किया। बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक पेश की। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन दिव्य और आध्यात्मिक महत्व रखता है। मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं और उत्सव समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते हैं।

237.74 करोड़ के आईएसबीटी का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड में भी विकास कार्यों के साथ धार्मिक विरासत, संस्कृति और आध्यात्मिक पहचान के संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने चम्पावत जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण, शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर का विकास और मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार जिले को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के कार्य भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
पूर्णागिरि धाम में सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर लगभग 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ सड़क, परिवहन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

‘आदर्श चम्पावत’ के विकास का संकल्प दोहराया
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चम्पावत का संकल्प जिले के समग्र विकास से जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि जिले की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जाए, जिसमें विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए उत्तराखंड को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और विकसित भारत के निर्माण में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी और किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, महिला युवा मोर्चा की जिलाध्यक्ष दीपा जोशी, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, चम्पावत नगर मंडल अध्यक्ष सुनील पुनेठा, कथा व्यास देवी दिव्यांशी किशोरी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

