पूर्व जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी की बारहवीं पर सूचना कार्यालय में शोक सभा
नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, कर्मठता और मृदुभाषी स्वभाव को किया याद; कहा-अचानक यूं चले जाना विभाग और मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति
चम्पावत। पूर्व जिला सूचना अधिकारी चम्पावत एवं जिला सूचना कार्यालय नैनीताल में कार्यरत रहे स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी की बारहवीं पर मंगलवार को जिला सूचना कार्यालय चम्पावत में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान सूचना विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने नम आंखों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय जोशी के असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
वक्ताओं ने उनके साथ बिताए संस्मरण साझा करते हुए कहा कि कभी यह सोचा भी नहीं था कि जिस अधिकारी के साथ लंबे समय तक आत्मीय संबंध रहे, उन्हें इस तरह श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र होना पड़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी कर्मठ, मृदुभाषी, सहज और सहयोगी स्वभाव के अधिकारी थे। अपने दायित्वों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और हर परिस्थिति में सहयोग के लिए तत्पर रहने का उनका स्वभाव उन्हें सबसे अलग पहचान देता था।
वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय जोशी का अचानक चले जाना सूचना विभाग और मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने कार्यों, आत्मीय व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा से जो पहचान बनाई, वह लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगी। शोक सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके व्यक्तित्व की सहजता, व्यवहार की आत्मीयता और कार्यों की छाप हमेशा यादों में बनी रहेगी। इस अवसर पर जिले के पत्रकारगण, सांस्कृतिक दल के दल नेता, सूचना विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

