दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड में कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी, पुलिस ने किए हैं चौंकाने वाले खुलासे
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए चौंकाने वाले तथ्यों के आधार पर होटल के कुक केशव नेगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में आग फैलने के पीछे केशव नेगी की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद साकेत कोर्ट ने आरोपी कुक को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले पुलिस होटल मालिक लवकेश बजाज, स्वीटी सरकार और पुष्पो सरकार को भी गिरफ्तार कर चुकी है। होटल मालिक को 4 जून को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
पुलिस जांच के मुताबिक हादसे के दिन होटल के किचन में केशव नेगी खाना बनाने की तैयारी कर रहा था। जैसे ही उसने इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू किया, अंदर तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आरोप है कि आग लगने के बाद उसने न तो होटल स्टाफ को सतर्क किया और न ही वहां ठहरे मेहमानों को किसी प्रकार की चेतावनी दी, बल्कि खुद को बचाने के लिए मौके से बाहर निकल गया। जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि बचाव के दौरान बेसमेंट का जालीदार शटर भी उसी ने गिराकर बंद कर दिया था, जिसके कारण बेसमेंट में मौजूद कई लोग अंदर ही फंस गए। पुलिस का आरोप है कि विस्फोट के बाद उसने पावर सप्लाई भी बंद कर दी, जिससे होटल के इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे लॉक हो गए और कई लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ सके। होटल से बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था, जबकि खिड़कियों को स्थायी रूप से बंद कर रखा गया था। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम को इसी बेसमेंट से छह शव बरामद हुए थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि आग लगने के बाद बरती गई लापरवाही ने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।

मालूम हो कि 3 जून की सुबह करीब 8 बजे मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपर की पांच मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह हादसे में 21 लोगों की दम घुटने और आग की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल थे, जो बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक के निवासी बताए गए हैं। इस हादसे ने राजधानी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया था।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव अभियान चलाकर कुल 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग बुझाने और लोगों को बचाने के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी धुएं और आग की चपेट में आकर घायल हो गए। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के अनुसार फिलहाल 15 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों की हालत स्थिर है और उनमें सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली अग्निशमन सेवा और पुलिस की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार आग का मुख्य कारण इंटरनल वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जांच टीम को किसी भी एलपीजी सिलेंडर के फटने का कोई सबूत नहीं मिला है। होटल के बेसमेंट और टॉप फ्लोर पर बने दोनों किचन में एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे, लेकिन उनमें कोई विस्फोट नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं की विफलता, निकासी के सीमित रास्ते और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने इस हादसे को और अधिक भयावह बना दिया।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
जांच में यह भी सामने आया है कि होटल में कई गंभीर सुरक्षा खामियां मौजूद थीं। पुलिस का शिकंजा कसता देख होटल मालिक लवकेश बजाज फरार हो गया था, हालांकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने उसे चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि होटल संचालन के दौरान किन नियमों की अनदेखी की गई और क्या सुरक्षा मानकों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया था।
दिल्ली पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। फायर सेफ्टी नियमों के पालन, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और होटल प्रबंधन की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद मामले में नए खुलासों की संभावना और बढ़ गई है। 21 लोगों की जान लेने वाले इस दर्दनाक अग्निकांड में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किस स्तर तक लापरवाही और नियमों की अनदेखी जिम्मेदार रही। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

