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चम्पावत में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, अतिवृष्टि, सड़क बाधित और तेंदुए के हमले जैसे परिदृश्यों पर परखी तैयारियां

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चम्पावत, 2 जुलाई। जनपद में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के तहत अतिवृष्टि, राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध होने, जलभराव तथा तेंदुए के हमले जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय का परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान यह परिदृश्य बनाया गया कि लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। वहीं पूर्णागिरि तहसील अंतर्गत पूर्णागिरि राज्य मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मनीष कुमार ने सभी इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) अधिकारियों को तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) में उपस्थित होने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आईआरएस को सक्रिय करते हुए सभी विभागीय नोडल अधिकारियों एवं नामित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने तथा अपने-अपने विभागीय संसाधनों को संबंधित तहसीलों के स्टेजिंग एरिया में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए।

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मॉक ड्रिल के तहत एक अन्य काल्पनिक घटना में सूचना प्राप्त हुई कि बाराकोट के निकट घट्कू मंदिर के पास अपने घर से बाराकोट बाजार जा रहे गोकुल सिंह (57 वर्ष), पुत्र दान सिंह पर सुबह लगभग 8:57 बजे अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया और उन्हें सड़क से नीचे झाड़ियों की ओर खींच ले गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घायल व्यक्ति को गंभीर अवस्था में सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। साथ ही आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से तत्काल एंबुलेंस को मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई तथा घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। जिला प्रशासन ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।