टनकपुर में मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण, एक फर्म के क्रय-विक्रय पर लगाई रोक
टनकपुर/चम्पावत। शनिवार को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से “सुरक्षित दवा सुरक्षित जीवन अभियान” चलाया गया। इस अभियान के तहत टनकपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मौजूद मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस विशेष निरीक्षण कार्रवाई के दौरान कुल 06 मेडिकल प्रतिष्ठानों की जाँच की गई। इस दौरान सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी के कार्यरत होने, औषधियों के उचित तापमान पर भंडारण और लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन सहित औषधियों से संबंधित रजिस्टरों की बारीकी से जाँच की गई।
जाँच के दौरान एक मेडिकल प्रतिष्ठान पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं पाया गया, जिसे एक गंभीर लापरवाही मानते हुए उक्त फर्म से होने वाले प्रतिदिन के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। इसके अतिरिक्त 02 अन्य मेडिकल प्रतिष्ठानों पर औषधियों से संबंधित क्रय-विक्रय का उचित सत्यापन न होने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 05 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण की माँग की गई है। निरीक्षण के साथ-साथ सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों को मानस पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही “नशा मुक्त भारत अभियान” के प्रति फर्म स्वामियों को जागरूक किया गया और मानस पोर्टल व टोल-फ्री नंबर 1933 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए भी निर्देशित किया गया।

अभियान के दौरान सभी फर्म स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाइसेंस की शर्तों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जनपद में यह चेकिंग कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इस संयुक्त निरीक्षण टीम में औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से औषधि निरीक्षक हर्षिता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिकार मित्र (पूर्णागिरि तहसील), अमित कुमार अधिकार मित्र, राधिका अधिकारी, किरन जोशी शामिल रहीं।

