चमोली में जलसैलाब के बीच फंसी पोकलेन मशीन के चालक की सूझबूझ से बची जान
चमोली। चमोली जिले की नीती घाटी में तमक नाले में सोमवार शाम आए भीषण जलसैलाब ने कुछ ही मिनटों में तबाही मचा दी। तेज पानी, भारी मलबे और विशाल बोल्डरों के बीच वैली ब्रिज बह गया, जबकि सड़क निर्माण कार्य में लगी एक पोकलेन मशीन भी सैलाब के बीच फंस गई। मशीन पर सवार चालक ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए मशीन को सुरक्षित निकाल लिया और खुद भी सकुशल बच गया।

सोमवार शाम करीब 5:30 बजे ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर स्थित तमक नाले में अचानक तेज जलप्रवाह आ गया। देखते ही देखते नाले ने विकराल रूप धारण कर लिया और पानी के साथ भारी मलबा व बड़े-बड़े बोल्डर बहने लगे। तेज बहाव की चपेट में आने से वैली ब्रिज कुछ ही देर में बह गया। इसी दौरान मौके पर सड़क निर्माण कार्य में लगी पोकलेन मशीन भी जलसैलाब के बीच फंस गई। मशीन चला रहे जोगिंदर सिंह चारों तरफ से पानी और मलबे से घिर गए। हालांकि उन्होंने घबराने के बजाय स्थिति का आकलन करते हुए मशीन के अंदर ही रहने का फैसला किया।
डेढ़ मिनट तक सैलाब के बीच फंसे रहे चालक
जोगिंदर सिंह के अनुसार, यदि वह उस समय मशीन से बाहर निकलते तो तेज बहाव में बहने का खतरा था। उन्होंने मशीन को धीरे-धीरे सुरक्षित दिशा में ले जाने का प्रयास किया। करीब एक से डेढ़ मिनट तक वह उफनते पानी, मलबे और बोल्डरों के बीच फंसे रहे। आखिरकार वह मशीन को सुरक्षित स्थान तक ले जाने में सफल रहे और खुद भी सुरक्षित बाहर निकल आए।
घटना के बाद ज्योतिर्मठ कोतवाल देवेंद्र सिंह रावत ने जोगिंदर सिंह से मुलाकात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि चालक द्वारा समय रहते मशीन को सुरक्षित निकाल लेना राहत एवं बचाव कार्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। यदि मशीन भी बह जाती तो सड़क खोलने और आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों में मुश्किलें बढ़ सकती थीं।
स्थानीय लोगों ने भी चालक के साहस और संयम की सराहना की। पोकलेन मशीन अब प्रभावित क्षेत्र में सड़क बहाली और राहत कार्यों में उपयोग की जा रही है। जानकारी के अनुसार जोगिंदर सिंह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं और लंबे समय से पोकलेन मशीन चालक के रूप में कार्य कर रहे हैं। तमक नाले में आई इस आपदा के दौरान उनके साहस की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
BRO कर्मचारी की तलाश जारी
प्रशासन के अनुसार तमक क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई आपदा में सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कर्मचारी अब भी लापता है। उसकी तलाश के लिए प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं पुनर्बहाली का काम जारी है। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

