देहरादून : रैगिंग मामले में तीन छात्र दो सप्ताह के लिए निलंबित, प्राचार्य ने कोच और वार्डन से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
देहरादून। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के बाद तीन सीनियर छात्रों को दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कॉलेज के प्राचार्य ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट कोच और हॉस्टल वार्डन से भी तलब की है, ताकि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा सके।
हाल ही में स्पोर्ट्स कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की शिकायत सामने आई थी। घटना के बाद कुछ छात्र मानसिक तनाव में आ गए थे। जानकारी के अनुसार, त्रिवेंद्रेश के एक छात्र के पिता ने अपने बेटे का प्रवेश वापस लेने के लिए कॉलेज में आवेदन दिया, जबकि बागेश्वर के एक छात्र के परिजन उसे घर ले गए। मामले को प्रमुखता से सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन सक्रिय हुआ और जांच शुरू की गई।
प्राचार्य राजेश ममगाईं ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन सीनियर छात्रों को दो सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कोच और वार्डन से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला रैगिंग से अधिक फुटबॉल खेल के दौरान हुए विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
इधर, देहरादून के सीमा डेंटल कॉलेज में भी यूजीसी एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की जांच पूरी कर ली गई है। जांच समिति ने पाया कि मामला रैगिंग का नहीं बल्कि पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों के बीच व्यक्तिगत रंजिश का था।प्राचार्य डॉ. पी. नारायण ने जांच रिपोर्ट में बताया कि समिति ने शिकायतकर्ता और अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए। मामले को आगे अनुशासन समिति के पास भेजा गया, जहां आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि 23 जून की शाम हुई घटना दोनों पक्षों के बीच पहले से चल रहे विवाद का परिणाम थी। किसी भी छात्र ने पहले एंटी रैगिंग समिति, हेल्पलाइन, प्राचार्य, वार्डन या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी से शिकायत नहीं की थी।समिति ने स्पष्ट किया कि रैगिंग के आरोप प्रमाणित नहीं हुए हैं, लेकिन छात्रों का व्यवहार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर प्रथम और द्वितीय वर्ष के दो-दो छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। कॉलेज प्रशासन ने यूजीसी को भी अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी है।
स्पोर्ट्स कॉलेज प्रशासन अब जूनियर छात्रों के अभिभावकों के साथ बैठक करने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि जिन छात्र के पिता ने 20 जून को प्रवेश वापस लेने के लिए आवेदन किया था, उनसे भी बातचीत की जाएगी। कॉलेज का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बहाल करना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।

