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सितारगंज तहसील में विजिलेंस का बड़ा ट्रैप: संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक 14 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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खटीमा। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज तहसील में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को ₹14,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों पर जमीन को बंधनमुक्त कराने और बैंक ऋण से जुड़ी आरसी समाप्त कराने के नाम पर घूस मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि सितारगंज तहसील में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा भूमि कुर्की के आदेश समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त करने तथा शिकायतकर्ता की पत्नी के केसीसी ऋण से संबंधित आरसी की कार्रवाई समाप्त कराने के एवज में रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संग्रह अमीन ने ₹10,000 और वरिष्ठ सहायक ने ₹6,000 की रिश्वत मांगी थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया।

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बुधवार, 29 जुलाई को विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील कार्यालय में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को शिकायतकर्ता से ₹8,000 तथा वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कुल ₹14,000 की रिश्वत बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदन लाल शर्मा, निवासी बोरिंग वाली गली, सितारगंज तथा भूपेंद्र सिंह राणा, निवासी आमखेड़ा पट्टी बलखेड़ा, नानकमत्ता (जनपद उधम सिंह नगर) के रूप में हुई है। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।