टनकपुर की सेवानिवृत्त शिक्षिका हेमा वर्मा का निधन, शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर
टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर की वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षिका हेमा वर्मा (63) का बुधवार को हल्द्वानी में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह 10 बजे शारदा घाट, टनकपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो-तीन माह से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं उनके छोटे भाई गिरीश वर्मा ने बताया कि बुधवार को उपचार के दौरान हेमा वर्मा ने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 10 बजे शारदा घाट, टनकपुर में किया जाएगा। हेमा वर्मा अपने सरल स्वभाव, अनुशासित कार्यशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन को शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अपने पीछे वह छोटी बहन मनु वर्मा, छोटे भाई गिरीश वर्मा तथा भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।

उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, एसडीएम प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल, अधिशासी अधिकारी ऋषभ उनियाल, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा, हर्षवर्धन रावत, लक्ष्मी पांडेय, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी सहित शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। इस बीच मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल ने सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचकर हेमा वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

