उत्तराखंड भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, जिलों की कमान नए प्रभारियों और सह प्रभारियों को
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा ने प्रदेश के सभी सांगठनिक जिलों में संगठन को और मजबूत करने के लिए जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों की नई टीम का ऐलान किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने प्रभारियों और सह प्रभारियों की सूची जारी की।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, जिलों में पार्टी के कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
किस जिले में किसे मिली जिम्मेदारी?
| सांगठनिक जिला | प्रभारी | सह प्रभारी |
|---|---|---|
| देहरादून ग्रामीण | नेहा जोशी | पवन चौधरी |
| देहरादून महानगर | राकेश गिरी | संजय गुप्ता |
| ऋषिकेश | डॉ. स्वराज विद्वान | अमन त्यागी |
| हरिद्वार | शैलेन्द्र सिंह बिष्ट | दीपक धमीजा |
| रुड़की | आदित्य चौहान | रविंद्र कटारिया |
| पौड़ी | नलिन भट्ट | रविंद्र राणा |
| उत्तरकाशी | नवीन ठाकुर | विनोद रतूड़ी |
| चमोली | संपत सिंह रावत | महावीर पंवार |
| रुद्रप्रयाग | सतीश लखेड़ा | रघुवीर सिंह बिष्ट |
| टिहरी | अनिल गोयल | सतेंद्र राणा |
| पिथौरागढ़ | रमेश मैखुरी | संदीप गोयल |
| बागेश्वर | निर्मल मेहरा | रवि रौतेला |
| रानीखेत | वीरेंद्र वल्दिया | राकेश जोशी |
| अल्मोड़ा | राजेंद्र सिंह बिष्ट | दीपिका बोहरा |
| चंपावत | गुजन सुखीजा | हिमांशु बिष्ट |
| नैनीताल | विवेक सवसेना | रणदीप पोखरिया |
| काशीपुर | पुष्कर सिंह काला | भारत भूषण चुघ |
| ऊधमसिंह नगर | खिलेंद्र चौधरी | साकेत अग्रवाल |
संगठन को मजबूत करने पर जोर
भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए जिला प्रभारी और सह प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नई टीम के सामने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और पार्टी की आगामी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की चुनौती होगी।
आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए भाजपा का यह बदलाव संगठन के जमीनी ढांचे को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

