चम्पावत : बिना सहमति गर्भपात कराने के मामले में महिला को पांच साल की सजा, बुजुर्ग पर जुर्माना
चम्पावत। जिला सत्र न्यायालय चम्पावत ने बिना सहमति गर्भपात कराने के मामले में एक महिला को दोषी करार देते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी महिला पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में एक अन्य बुजुर्ग महिला पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार लोहाघाट क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मई 2023 में क्षेत्र के एक किशोर ने उसकी बहन के साथ संबंध बनाए थे। इसके बाद उसकी बहन गर्भवती हो गई। आरोप है कि मामले की जानकारी किशोर के परिजनों को मिलने के बाद उसकी बहन को कथित तौर पर दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया गया। तहरीर में परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था।
मामले में पुलिस ने लोहाघाट क्षेत्र निवासी 59 वर्षीय गंगा देवी, 20 वर्षीय अंजली और अनीता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने अंजली को संबंधित आरोप में दोषी करार देते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं गंगा देवी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अदालत ने गंगा देवी को धारा 504 तथा अंजली को धारा 504 और 506 के आरोपों से दोषमुक्त किया। वहीं अनीता को धारा 318 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी विद्याधर जोशी ने पैरवी की।

