चम्पावत की साहसी बेटी किरण पाण्डेय को CM धामी ने किया सम्मानित, ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी
देहरादून/चम्पावत। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के सिमल्टा गांव की साहसी बेटी किरण पाण्डेय को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया। गुलदार के हमले के दौरान अपने पिता की जान बचाने वाली किरण को “ग्लोबल टाइगर डे” स्मृति चिन्ह और ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार को देहरादून के जाखन स्थित एक होटल में आयोजित “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषयक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहस और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया।

इसी अवसर पर चम्पावत के सिमल्टा गांव की साहसी बेटी किरण पाण्डेय को उनके अद्वितीय साहस के लिए मुख्यमंत्री ने “ग्लोबल टाइगर डे” का स्मृति चिन्ह और ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। गौरतलब है कि सिमल्टा गांव में हुई एक साहसिक घटना के दौरान किरण पाण्डेय ने अपने पिता सुरेश चन्द्र पाण्डेय पर गुलदार के हमले के समय असाधारण साहस, सूझबूझ और धैर्य का परिचय दिया था। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने गुलदार को कमरे में बंद कर दिया, जिससे न केवल अपने पिता की जान बचाई बल्कि आसपास के ग्रामीणों को भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखा।
किरण पाण्डेय के इस साहसिक और प्रेरणादायी कार्य की प्रदेशभर में सराहना हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम, सूझबूझ और साहस का परिचय देने वाले नागरिक सम्मान के वास्तविक अधिकारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किरण पाण्डेय के इस साहसिक कदम से समाज में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान सतर्कता एवं सुरक्षा का सकारात्मक संदेश भी गया है।

