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अल्मोड़ा में पिता की हत्या कर फरार हुए बेटी-दामाद, 7 दिन बाद जम्मू-कश्मीर से दबोचे गए

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अल्मोड़ा। दन्यां क्षेत्र के सेली गांव में पिता की हत्या कर फरार हुई बेटी और उसके पति को पुलिस ने हत्याकांड के करीब एक सप्ताह बाद दबोच लिया है। घटना के बाद दोनों फरार हो गए थे। पुलिस उनकी लगातार ताश कर रही थी। आखिरकार दोनों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी कर दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार दन्यां के सेली गांव निवासी चंद्रशेखर पांडे शनिवार रात अपने घर में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल तथा बाद में अल्मोड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक की बेटी जानकी पांडे, जो अपने पति धर्मवीर शर्मा के साथ हरियाणा से गांव आई थी, उसी पर अपने पिता पर धारदार हथियार (दराती) से हमला करने का आरोप है। इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग स्तब्ध रह गए।
मामले में मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक की पुत्री जानकी पांडे, दामाद धर्मवीर शर्मा (28 वर्ष), निवासी शेजपुरा, जिला हांसी, हरियाणा तथा मृतक की पत्नी खष्टी देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया।

घटना के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। पुलिस की तीन विशेष टीमें सात दिनों तक अल्मोड़ा, हरियाणा और अन्य संभावित स्थानों पर उनकी तलाश करती रहीं। आखिरकार 26 जून को पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को कटरा, जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को पहले कटरा की अदालत में पेश किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें ट्रांजिट पर अल्मोड़ा लेकर पहुंची। यहां आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी धर्मवीर शर्मा का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल पुलिस इस पूरे हत्याकांड के पीछे की वजह और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। वहीं इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग रिश्तों में आई इस भयावह दरार को लेकर हैरानी जता रहे हैं।

पुलिस जांच के दौरान हुई पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब एक महीने से चंद्रशेखर पांडे की हत्या की साजिश रच रहे थे। योजना को अंजाम देने के लिए उन्होंने पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी। अल्मोड़ा पहुंचने और यात्रा का खर्च जुटाने के लिए धर्मवीर शर्मा ने अपनी सोने की अंगूठी बेच दी, जबकि जानकी ने अपना मंगलसूत्र और कानों के झुमके बेचकर पैसों का इंतजाम किया। पुलिस का मानना है कि वारदात पूर्व नियोजित थी और इसी एंगल से पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।