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उत्तराखंड में प्रेमिका ने युवक को मिलने बुलाया और परिजनों ने कर दी हत्या!,

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प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह! युवती से मिलने पहुंचे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार ने लगाए हत्या के आरोप

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले से एक बेहद दुखद एवं सनसनीखेज हत्याकांड की खबर सामने आ रही है, जहां प्रेम संबंध ने ऐसा दर्दनाक मोड़ ले लिया कि पूरा इलाका ही सन्न रह गया। एक युवक की कथित तौर पर युवती के परिजनों द्वारा की गई पिटाई के बाद मौत हो गई, जबकि उसके साथ गया दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार न करने की बात कह रहे हैं।

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मिली जानकारी के अनुसार मृतक कीर्तन का खोलगढ़ गांव की एक युवती से लंबे समय से प्रेम संबंध बताया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक कीर्तन रात में अपने घर पर था, तभी आधी रात के आसपास उसे युवती का फोन आया। फोन आने के बाद वह अपने मित्र दिवाकर के साथ युवती द्वारा बताए गए स्थान की ओर रवाना हो गया। परिवार का कहना है कि दोनों युवकों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वहां उनके लिए एक भयावह घटना इंतजार कर रही है।

घटना को लेकर लगाए गए आरोपों के अनुसार जब कीर्तन और उसका दोस्त गांव पहुंचे तो युवती के परिजन पहले से वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को रोककर उनके साथ मारपीट की गई। घायल दिवाकर ने बताया कि उनके साथ बेरहमी से हमला किया गया। पिटाई के दौरान कीर्तन की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप है कि गंभीर चोटों के कारण उसकी जान चली गई, जबकि दिवाकर भी बुरी तरह घायल हो गया।

घटना के बाद मृतक के परिवार को सुबह युवती के मोबाइल फोन से कॉल की गई। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने वापस संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि उनका बेटा वहां मौजूद है। मृतक के पिता और भाई का कहना है कि यदि युवक ने कोई गलती की थी या वह बिना अनुमति वहां पहुंचा था, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जा सकती थी या परिवार को बुलाया जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया।

घटना के बाद परिजन घायल अवस्था में कीर्तन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल दिवाकर का उपचार जिला अस्पताल बौराड़ी में जारी है।चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है और पुलिस भी उससे घटना से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। मृतक के परिवार में इस घटना के बाद गहरा आक्रोश है। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का एक वर्ग भी इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है। मृतक युवक अनूसूचित जाति और युवती सामान्य वर्ग की बताई जा रही है।

अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह ने बताया है कि शुरुआती तथ्यों के आधार पर मामला गंभीर प्रकृति का प्रतीत हो रहा है। पुलिस परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है। तहरीर प्राप्त होते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की प्रत्येक पहलू से जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निजी रिश्तों और सामाजिक विवादों का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए या फिर भीड़ और गुस्से के सहारे। एक युवक की मौत और दूसरे की गंभीर हालत ने पूरे क्षेत्र को शोक और चिंता में डाल दिया है।

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