चम्पावत में पर्यटन को नए पंख: ऐतिहासिक जिम कॉर्बेट ट्रेल और फूंगर बंगले का हुआ कायाकल्प
चम्पावत। उत्तराखंड के चम्पावत जिले में ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और पर्यटन को एक नया मुकाम देने के लिए सरकार की ओर से एक बड़ी पहल की गई है। कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन और रोमांच के शौकीनों के लिए अब एक नया ठिकाना तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने महान शिकारी और संरक्षणवादी जिम कॉर्बेट से जुड़ी यादों को पुनर्जीवित करते हुए करीब एक किलोमीटर लंबी ‘जिम कॉर्बेट ट्रेल’ को पूरी तरह से विकसित कर दिया है। इसके साथ ही फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले को भी लाखों रुपये की लागत से एक नया और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य चम्पावत आने वाले पर्यटकों को इतिहास और रोमांच का एक साथ अनूठा अनुभव कराना है।

यह नव-निर्मित ट्रेल पर्यटकों को सीधे उस दौर में ले जाएगी, जब मशहूर शिकारी जिम कॉर्बेट ने इस समूचे क्षेत्र को आतंकित करने वाली कुख्यात नरभक्षी बाघिन का अंत किया था। पर्यटकों की जानकारी और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए पूरी ट्रेल पर विशेष सूचना पट्ट (साइनबोर्ड) लगाए गए हैं। इन सूचना पट्टों के माध्यम से यहां आने वाले लोग चम्पावत की उस ऐतिहासिक कहानी को सिलसिलेवार पढ़ सकेंगे, जिसने कभी पूरे कुमाऊं और पड़ोसी देश नेपाल तक के सीमावर्ती क्षेत्रों को भारी दहशत में डाल दिया था। रोमांच के इस सफर को और जीवंत बनाने के लिए ट्रेल के किनारे जिम कॉर्बेट के साथ-साथ काकड़, भालू, तेंदुआ, बाघ और हिरण जैसे वन्यजीवों की खूबसूरत आकृतियां और मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं, जो यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के बेहद करीब होने का अहसास कराती हैं।



पर्यटन विभाग इस पूरे क्षेत्र को एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले को मुख्य पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है, जहां आने वाले समय में एक भव्य म्यूजियम, मॉडर्न रिसेप्शन, टिकट काउंटर, सॉवेनियर शॉप (स्मृति चिह्न की दुकान) और एक शानदार रेस्टोरेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटकों की सुविधा के लिए इस मुख्य बंगले को प्रसिद्ध गौड़ी-बाघबरुड़ी ट्रेल से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे ट्रेकिंग के शौकीनों को एक लंबा और रोमांचक रूट मिल सके।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के विजन और मार्गदर्शन के अनुरूप इस पूरी ट्रेल का सौंदर्यीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस ट्रैक और आसपास के क्षेत्र को और अधिक सुंदर व सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा। इस ट्रेल के आधिकारिक तौर पर तैयार होने के बाद से ही क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार और होमस्टे कारोबार को भी आने वाले दिनों में बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

