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मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने उठाईं पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगें, डीएम ने दिया कार्यवाही का भरोसा

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चम्पावत में फेडरेशन का द्वादश द्विवार्षिक अधिवेशन आयोजित, कनिष्ठ सहायक का ग्रेड पे बढ़ाने से लेकर पदोन्नति और गोल्डन कार्ड की समस्याओं तक उठे मुद्दे

चम्पावत। पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कनिष्ठ सहायकों का ग्रेड पे बढ़ाने, मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों के पुनर्गठन और पदोन्नति नियमों में संशोधन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने आवाज उठाई। शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चम्पावत में उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन की जनपद शाखा के द्वादश द्विवार्षिक अधिवेशन में कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी मनीष कुमार के सामने रखीं। डीएम ने मांगों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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अधिवेशन का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और मिनिस्टीरियल संवर्ग की सेवा संबंधी समस्याओं एवं मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने कहा कि कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकारी योजनाओं और जनसेवाओं को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समाधान जरूरी है, ताकि वे बेहतर कार्य वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। डीएम ने ज्ञापन में शामिल मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने और शासन स्तर से संबंधित प्रकरणों को उचित माध्यम से अग्रसारित करने का भरोसा दिया।

पुरानी पेंशन बहाली से लेकर ग्रेड पे बढ़ाने की मांग

अधिवेशन में कर्मचारियों ने कनिष्ठ सहायक पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित करने और वेतन लेवल-5 के तहत 2800 रुपये ग्रेड पे अनुमन्य करने की मांग उठाई। इसके अलावा मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों का पुनर्गठन, पदोन्नति नियमों में संशोधन और जिन विभागों में पदोन्नति के अवसर नहीं हैं, वहां एसीपी व्यवस्था लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने और स्थानांतरण अधिनियम के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने की मांग की। साथ ही मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्धारण, मिनिस्टीरियल कार्मिकों के लिए कॉमन सेवा नियमावली लागू करने और सृजित मिनिस्टीरियल पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां नहीं करने की मांग भी उठाई।

संगठन की मजबूती पर दिया जोर

फेडरेशन के जनपदीय अध्यक्ष विनोद कुमार ने संगठन की गतिविधियों और कर्मचारी हितों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने सदस्यों से संगठन की मजबूती, आपसी एकजुटता और सकारात्मक संवाद बनाए रखने की अपील की।

अधिवेशन में जनपद के विभिन्न विभागों से पहुंचे कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने सेवा संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जनपदीय महामंत्री जीवन चन्द्र ओली, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सोन और सौरभ चन्द्र, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जोशी, पिथौरागढ़ फेडरेशन के जनपदीय अध्यक्ष बिजेन्द्र लुठी, एनएमओपीएस के महामंत्री प्रकाश तड़ागी, एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स के जनपदीय सचिव हिमांशु मुरारी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश देव, महामंत्री जगदीश तड़ागी सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।