पैसों के विवाद ने उजाड़ दिया परिवार: पूर्व फौजी पिता और बेटे की जहरीला पदार्थ पीने से मौत
पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लॉक से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मरोड़ा गांव में पैसों को लेकर पिता-पुत्र के बीच चल रहा विवाद ऐसी दुखद परिणति तक पहुंच गया कि एक पूर्व फौजी पिता की जान चली गई और कुछ ही देर बाद उसके बेटे ने भी जहरीला पदार्थ पीकर दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार मरोड़ा गांव निवासी 85 वर्षीय बख्तवार सिंह सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी थे। उनका अपने 53 वर्षीय बेटे बिगारी सिंह के साथ पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के दौरान बिगारी ने अपने पिता को कीटनाशक पिला दिया। इसके बाद घबराहट में उसने खुद भी कीटनाशक पी लिया।
दोनों की हालत बिगड़ने पर मामले की जानकारी ग्रामीणों को हुई। ग्रामीण बिगारी सिंह को उपचार के लिए थलीसैंण अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं बख्तवार सिंह की मौत घर पर ही हो चुकी थी। एक ही परिवार में पिता और बेटे की मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कीटनाशक की शीशी समेत अन्य सामग्री बरामद की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि बख्तवार सिंह की पत्नी का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। वह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद गांव में रह रहे थे। उनका बेटा बिगारी सिंह खेती-बाड़ी और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें बेटियों की शादी हो चुकी है।
पुलिस ने बिगारी सिंह के बेटे मोहन से पूछताछ की। मोहन ने बताया कि उसके पिता और दादा के बीच पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। हालांकि, मामूली दिखने वाला यह विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्थिक तनाव और आपसी विवाद किस तरह परिवारों को ऐसी त्रासदी की ओर धकेल सकते हैं। जिस घर में कभी पिता की वर्दी और बेटे की मेहनत परिवार के सहारे की पहचान थी, आज उसी घर में दो पीढ़ियों की मौत का सन्नाटा पसरा है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

