टनकपुर : नाले की जद में मकान! टूटने के डर से ग्रामीणों ने खटखटाया सीएम कैंप कार्यालय का दरवाजा
ज्ञापन के बाद हरकत में आया प्रशासन, डीएम मनीष कुमार ने दिया भरोसा- निरीक्षण से पहले नहीं होगी कार्रवाई, जरूरत पड़ी तो पुनर्स्थापन के लिए मिलेगी भूमि
टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर के ग्रामसभा बोहरागोठ डिपो-03 के समीप आरटीओ फिटनेस सेंटर के पास पुराने नाले के चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकानों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। मकानों पर संभावित कार्रवाई की आशंका से परेशान ग्रामीणों ने अब सीधे सीएम कैंप कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी राजपाल चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर किसी भी आवासीय भवन को बिना उचित प्रक्रिया के ध्वस्त न किए जाने की मांग की।

मामला सामने आते ही प्रशासन भी सक्रिय हुआ। प्रशासनिक अधिकारी राजपाल चौहान ने तत्काल जिलाधिकारी मनीष कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी ने नाले के चौड़ीकरण की जद में आने वाले ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें स्पष्ट आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग के साथ मौके का निरीक्षण किए बिना किसी भी मकान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
डीएम मनीष कुमार ने कहा कि पहले मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि निरीक्षण में कोई आवास नाले के चौड़ीकरण की वास्तविक जद में आता है तो संबंधित परिवार के पुनर्स्थापन के लिए नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि अनावश्यक रूप से किसी भी आवास को नहीं तोड़ा जाएगा।

आश्वासन के बाद ग्रामीणों को मिली राहत
डीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार जताते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना है। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी राजपाल चौहान का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी बात तत्काल जिलाधिकारी तक पहुंचाई।
ग्रामीणों का कहना है कि नाले के चौड़ीकरण का कार्य जनहित में हो, लेकिन इसकी आड़ में वर्षों से बसे परिवारों के आशियाने उजड़ने नहीं चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले मौके की वास्तविक स्थिति, प्रभावित परिवारों और उनके पुनर्वास को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष माया, कोषाध्यक्ष कौशल्या देवी, सीमा देवी, रीता देवी, रितु गणपति, ममता देवी, गीत जोशी, चंद्रकला, गंगा देवी, रेनू बोरा, अनीता, एसएस मेहरा, कमला महर, जानकी देवी, मंजू मिश्रा, कविता भट्ट, भावना भट्ट सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

