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मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर नीट (NEET-UG) पुनर्परीक्षा के परीक्षार्थियों को बसों में मिलेगी निःशुल्क यात्रा की सुविधा

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चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशों के क्रम में शासन द्वारा नीट (UG)-2026 की पुनर्परीक्षा में सम्मिलित होने वाले राज्य के अभ्यर्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) में शामिल होने वाले उत्तराखंड के स्थानीय मूल निवासी परीक्षार्थियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की रोडवेज बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए पूरी तरह से निःशुल्क सफर की सुविधा प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील फैसले का उद्देश्य राज्य के युवाओं और छात्र-छात्राओं को परीक्षा के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचाना तथा उन्हें सुगम आवागमन का वातावरण उपलब्ध कराना है। परिवहन निगम की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस विशेष योजना का लाभ केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को मिलेगा जो उत्तराखंड राज्य के स्थायी निवासी हैं और जिनके पास राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा का वैध प्रवेश पत्र (Admit Card) उपलब्ध होगा। इन पात्र परीक्षार्थियों को प्रदेश के भीतर अपने गृह स्थान या पत्राचार के पते से परीक्षा केंद्र तक जाने तथा परीक्षा समाप्ति के बाद वापस लौटने के लिए निगम की साधारण श्रेणी की बसों में एक बार के लिए निःशुल्क आवागमन की सुविधा दी जाएगी।

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इस सुविधा को पूरी तरह छात्र-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप नियमों को बेहद सरल रखा गया है। यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वे परीक्षा की तिथि से दो दिन पूर्व यानी 19 जून 2026 की मध्यरात्रि 00:00 बजे से लेकर परीक्षा संपन्न होने के दो दिन बाद यानी 23 जून 2026 की रात्रि 24:00 बजे तक इस निःशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

इसके अतिरिक्त, रोडवेज प्रबंधन ने परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए यह भी स्पष्ट किया है कि बस में सफर के दौरान अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र की मूल हार्ड कॉपी के स्थान पर मोबाइल फोन में उपलब्ध सॉफ्ट कॉपी (डिजिटल कॉपी) भी परिचालक को दिखा सकते हैं, जिसे पूर्णतः वैध माना जाएगा।
बस परिचालकों को ई-टिकट मशीनों में ‘निशुल्क यात्रा कैटेगरी’ के अंतर्गत ‘NEET (UG)- 2026’ का विशेष विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें परीक्षार्थी का रोल नंबर दर्ज कर शून्य धनराशि का टिकट जारी किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई या किसी अभ्यर्थी को जायज दस्तावेजों के बावजूद यात्रा से मना किया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।