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टैक्सी चालक के साथ मारपीट और अभद्रता: पुलिस ने लिया वायरल वीडियो का संज्ञान, 4 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

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चम्पावत। जनपद के लोहाघाट क्षेत्र में एक टैक्सी चालक के साथ राह चलते अभद्रता, मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चम्पावत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के सख्त निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ लोहाघाट थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दर्ज तहरीर के अनुसार, पीड़ित वाहन चालक 10 जून को अपनी टैक्सी में सवारियां बैठाकर लोहाघाट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में देवराड़ी बैंड (लोहाघाट) के पास कुछ अन्य टैक्सी चालकों ने उसकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। आरोप है कि इन लोगों ने चालक के साथ बुरी तरह मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी, और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद आरोपियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए चालक को अपमानित किया और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित ने बताया कि इस घटना से उसे मानसिक और शारीरिक पीड़ा पहुंची है और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान हुआ है।

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मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने लोहाघाट पुलिस को तुरंत प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के क्रम में त्वरित कार्रवाई करते हुए, 12 जून को लोहाघाट थाने में पीड़ित की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में FIR (संख्या 18/2026) पंजीकृत की गई है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 351(3), 352, 133, 126, 308(2), 309(3), और 356 के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) एक्ट की धारा 3(1)(X) और आईटी एक्ट की धारा 66(E) के तहत अभियोग दर्ज किया है।

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, इस घटना में शामिल नामजद अभियुक्तों की पहचान विरेन्द्र सिंह, शोबन सिंह, हरीश सिंह बोहरा और मोहन चन्द्र के रूप में हुई है, जो सभी लोहाघाट (जनपद चम्पावत) के निवासी हैं। पुलिस अब इन सभी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई कर रही है।

सोशल मीडिया को लेकर पुलिस की सख्त चेतावनी

इस घटना के बाद चम्पावत पुलिस ने सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल को लेकर आम जनता से एक कड़ी अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फेसबुक, व्हाट्सएप या किसी भी अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना या अफवाह फैलाना सीधे जेल का रास्ता दिखा सकता है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करेगी।