उत्तराखण्डदेहरादूननवीनतममनोरंजन

उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संवाहक चंदन गुसाईं का आकस्मिक निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

ख़बर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत जगत को बुधवार देर रात उस समय गहरा आघात लगा, जब गढ़कुमाऊं फिल्म्स (प्रोडक्शन) के निदेशक एवं निर्माता चंदन गुसाईं का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके असमय निधन की खबर फैलते ही लोक कलाकारों, संगीत प्रेमियों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने वाले चंदन गुसाईं के निधन को सांस्कृतिक जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

चंदन गुसाईं ने गढ़कुमाऊं प्रोडक्शन के माध्यम से कुमाऊंनी और गढ़वाली लोक संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से अनेक लोकप्रिय लोकगीत दर्शकों तक पहुंचे और प्रदेश के कई प्रसिद्ध लोक कलाकारों को एक साझा मंच मिला। उनके कार्यों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहचान दिलाने में भी अहम योगदान दिया।

Ad Ad

चंदन गुसाईं केवल एक सफल निर्माता ही नहीं, बल्कि अपने सरल स्वभाव, आत्मीय व्यवहार और सदैव मुस्कुराते व्यक्तित्व के कारण भी सभी के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनके साथ काम करने वाले कलाकार और सहयोगी उन्हें एक ऐसे इंसान के रूप में याद कर रहे हैं, जो हर किसी को परिवार की तरह सम्मान और अपनापन देते थे।

उनके निधन के बाद उत्तराखंड के लोक कलाकारों, सामाजिक संगठनों और हजारों प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके जाने से कला और संस्कृति जगत ने एक समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।

गढ़कुमाऊं फिल्म्स के निदेशक चंदन गुसाईं के निधन पर प्रसिद्ध लोक गायिका शगुन उनियाल ने भी अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उनका चर्चित कुमाऊँनी गीत “दूर छा विदेश बाबा जी” गढ़कुमाऊं फिल्म्स के यूट्यूब चैनल से ही रिलीज हुआ था। उन्होंने चंदन गुसाईं के आकस्मिक निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

चंदन गुसाईं के निधन से उत्तराखंड के लोक संगीत जगत में गहरा शून्य पैदा हो गया है। कलाकारों और उनके प्रशंसकों का कहना है कि उत्तराखंड की संस्कृति और लोक संगीत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। सभी ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा परिजनों, मित्रों और गढ़कुमाऊं परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना कर रहे हैं।