सरकारी सहायता के बिना ग्रामीणों ने उठाया मंदिर सौंदर्यीकरण का बीड़ा, जनसहयोग से बदल रही श्री ऐड़ी देवता मंदिर की तस्वीर
चम्पावत। पाटी विकास खंड के दूरस्थ गांव गड्यूड़ा स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री ऐड़ी देवता मंदिर का सौंदर्यीकरण पूरी तरह ग्रामीणों के आपसी सहयोग, श्रमदान और जनसहयोग से किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अब तक इस कार्य के लिए किसी भी सरकारी विभाग अथवा जनप्रतिनिधि से कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद ग्रामवासियों का उत्साह और समर्पण इस अभियान को लगातार नई गति दे रहा है।
मंदिर के विकास के लिए गांव के लोग तन, मन और धन से अपना योगदान दे रहे हैं। कोई श्रमदान कर निर्माण कार्य में हाथ बंटा रहा है, कोई निर्माण सामग्री उपलब्ध करा रहा है, तो कोई अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देकर इस पुनीत कार्य में सहभागी बन रहा है। सामूहिक प्रयासों की बदौलत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण लगातार आगे बढ़ रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि श्री ऐड़ी देवता मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी भी समाज की है। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को एक सुंदर, स्वच्छ, व्यवस्थित और भव्य मंदिर परिसर सौंपना है।
ग्रामवासियों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं, प्रवासी भाइयों-बहनों और समाजसेवियों से भी इस पुण्य कार्य में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों में हर सहयोग महत्वपूर्ण होता है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा।
ग्रामीणों ने भावनात्मक संदेश देते हुए कहा, “हम किसी से शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने प्रयासों से अपनी आस्था के केंद्र को संवार रहे हैं। यदि समाज का सहयोग इसी तरह मिलता रहा, तो शीघ्र ही श्री ऐड़ी देवता मंदिर एक भव्य और आकर्षक स्वरूप में सभी के सामने होगा।”

