अल्मोड़ा : 10 साल बाद बेटे से मिला बिछड़ा पिता, डायरी में लिखे एक शब्द ने मिलाया परिवार
मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से लापता हुए थे श्याम सिंह, ‘राजेपुर’ शब्द बना पहचान की कड़ी
अल्मोड़ा। रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां करीब 10 वर्षों से लापता एक पिता आखिरकार अपने परिवार से मिल गए। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से भटक गए फर्रुखाबाद निवासी 51 वर्षीय श्याम सिंह की पहचान एक डायरी में लिखे गए महज एक शब्द ‘राजेपुर’ से संभव हो सकी।
जानकारी के अनुसार श्याम सिंह करीब 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित अपने घर से लापता हो गए थे। परिवार ने उन्हें हर संभव जगह तलाशा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान वह अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत और मजखाली क्षेत्र में वर्षों तक इधर-उधर भटकते रहे। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दे पा रहे थे।
पहचान की कोशिश में जब सभी प्रयास विफल हो गए तो मजखाली चौकी प्रभारी एसआई विनोद फर्त्याल ने उन्हें लिखने के लिए एक डायरी दी। श्याम सिंह ने उसमें केवल ‘राजेपुर’ लिखा। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर फर्रुखाबाद पुलिस से संपर्क किया। फोटो और अन्य जानकारियों के सत्यापन के बाद पुष्टि हुई कि वह फर्रुखाबाद के श्याम सिंह ही हैं।
सूचना मिलते ही श्याम सिंह का परिवार बृहस्पतिवार को मजखाली चौकी पहुंचा। लगभग 10 वर्षों बाद पिता को सामने देखकर बेटे अमित सिंह की आंखें नम हो गईं। महज नौ साल की उम्र में पिता के लापता होने का दर्द झेलने वाले अमित ने जैसे ही अपने पिता को गले लगाया, चौकी परिसर का माहौल भावुक हो उठा।
आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने श्याम सिंह को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने इस मानवीय कार्य के लिए अल्मोड़ा पुलिस का आभार व्यक्त किया।

सीओ रानीखेत भावना कैंथोला ने बताया है कि फर्रुखाबाद निवासी श्याम सिंह की पहचान की पुष्टि होने के बाद उनके पुत्र और अन्य परिजनों को मजखाली चौकी बुलाया गया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद श्याम सिंह को सुरक्षित उनके परिवार के हवाले कर दिया गया।

