महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नई पहल, चम्पावत में शुरू हुआ ‘दीदी कैफे’ अभियान
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के विज़न को आगे बढ़ाते हुए चम्पावत में ग्रामीण विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और नाबार्ड के सहयोग से ‘दीदी कैफे’ पहल की शुरुआत की गई। इसके तहत चार महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹50,000 मूल्य के आधुनिक मोबाइल फूड कार्ट उपलब्ध कराए गए, जिनके माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी।
शनिवार को जिला कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने चार महिला स्वयं सहायता समूहों की लाभार्थियों को मोबाइल फूड कार्ट सौंपे। इनमें प्रिया आजीविका (NULM) लोहाघाट की नाजनीम, ओम CLF की प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की पुष्पा देवी, विकास CLF की जय माता दी स्वयं सहायता समूह (रायकोट कुंवर) की अनीता देवी तथा विकास CLF की पार्वती स्वयं सहायता समूह की कुमारी सुमन शामिल हैं। ये सभी महिलाएं यात्रा मार्गों, डिग्री कॉलेजों, अस्पतालों और राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रमुख स्थानों पर ‘दीदी कैफे’ का संचालन कर स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त करेंगी।


जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से शुरू की गई यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और भविष्य में जिले के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा।
सहायक परियोजना निदेशक (APD) विम्मी जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और नाबार्ड के संयुक्त सहयोग से विशेष रूप से डिजाइन किए गए मोबाइल फूड कार्ट महिलाओं को उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे ‘दीदी कैफे’ के माध्यम से स्थायी आजीविका स्थापित कर सकें।
मोबाइल कार्ट प्राप्त करने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह खोलेगी। कार्यक्रम में नाबार्ड की डीडीएम स्वाति कार्की, ग्राम विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, लाभार्थी महिलाएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

