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पिंडारी ट्रेक से लापता सॉफ्टवेयर इंजीनियर का 12 दिन बाद भी सुराग नहीं, बेटे की तलाश में भटक रहा परिवार, पिता ने जताई साजिश की आशंका

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बागेश्वर। विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक से लापता हुए युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। 29 मई से गायब अभिषेक की तलाश में जुटा परिवार हर गुजरते दिन के साथ चिंता, पीड़ा और उम्मीद के कठिन दौर से गुजर रहा है। बेटे की एक झलक पाने की आस में उसके पिता और चाचा कई दिनों से कपकोट और खाती क्षेत्र में डटे हुए हैं।

अभिषेक चौहान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। परिवार में उसकी दो बहनें हैं, जिनमें एक विदेश में नौकरी कर रही है जबकि दूसरी भारत में कार्यरत है। अभिषेक के पिता रघुराज सिंह चौहान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में निरीक्षक पद पर तैनात हैं। अभिषेक के चाचा ऋतुराज सिंह चौहान ने बताया कि परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा। 31 मई से परिवार लगातार बेटे की तलाश में क्षेत्र में मौजूद है। उन्होंने स्वयं खाती गांव और पिंडारी ट्रेक के कई हिस्सों का दौरा किया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

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बेटे की तलाश में बेबस परिवार ने अब बड़ा कदम उठाते हुए अभिषेक का पता बताने या उसे सुरक्षित खोज निकालने वाले व्यक्ति को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। भावुक होते हुए चाचा ऋतुराज ने कहा कि परिवार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता अभिषेक की सुरक्षित वापसी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके बेटे को ढूंढ़ लाता है तो वे घोषित राशि से भी अधिक देने को तैयार हैं। परिवार ने देवी-देवताओं से मन्नत भी मांगी है और अभिषेक के सकुशल लौटने पर बड़े स्तर पर भंडारे का संकल्प लिया है।

इस बीच मामले ने नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। बीएसएफ अधिकारी और अभिषेक के पिता रघुराज सिंह चौहान ने कपकोट थाने में लिखित तहरीर देकर घटना को लेकर गंभीर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने ट्रेक के दौरान साथ रहे गाइड के बयान पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि मामला केवल दुर्घटना का नहीं भी हो सकता। परिजनों का कहना है कि कई परिस्थितियां ऐसी हैं जो सामान्य हादसे की कहानी से मेल नहीं खातीं। यहां तक की उन्होंने हत्या की आशंका भी जताई है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस को कई बिंदुओं पर विस्तृत जांच करने का अनुरोध किया है।

अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक नोएडा निवासी 28 वर्षीय अभिषेक चौहान गुजरात की प्रतिष्ठित एल‌ एंड टी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर। वह बीते 28 म‌ई को अपने तीन इंजीनियर मित्रों और स्थानीय गाइड आनंद राम के साथ खाती गांव से पिंडारी ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। ट्रेक पूरा करने के बाद 29 मई को वापसी के दौरान मलियाधोड़ क्षेत्र के पास अभिषेक फोटोग्राफी करने के लिए कुछ देर रुक गए। उन्होंने गाइड से आगे स्थित मैगी पॉइंट पर इंतजार करने को कहा। गाइड निर्धारित स्थान पर पहुंचकर अभिषेक का इंतजार करता रहा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वहां नहीं पहुंचे तो उसने वापस लौटकर उनकी तलाश शुरू की। बताया गया है कि 29 मई को गाइड ने लौटकर बताया था कि अभिषेक द्वाली क्षेत्र के आसपास लापता हो गया है। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने व्यापक सर्च अभियान चलाया। खोज के दौरान संभावित घटनास्थल से नीचे एक चट्टान पर अभिषेक का कैमरा मिला। कुछ दूरी आगे पिंडर नदी के किनारे उसकी जैकेट भी बरामद हुई। शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई कि वह दुर्घटनावश नदी में गिर गया होगा, लेकिन परिजनों का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां कई नए सवाल खड़े करती हैं।

अभिषेक के पिता और अन्य परिजनों ने पुलिस को दी गई तहरीर में कुल 17 बिंदुओं पर जांच की मांग की है। उनका मानना है कि कुछ तथ्यों की गहराई से पड़ताल जरूरी है, जिससे घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा उठाए गए सभी सवालों और आशंकाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले के हर पहलू की जांच की जाएगी और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

कपकोट में बैठे पिता की निगाहें अब भी उसी रास्ते पर टिकी हैं, जहां से उन्हें अपने बेटे के लौटने की उम्मीद है। बीते कई दिनों से परिवार के लिए हर फोन कॉल, हर सूचना और हर दस्तक एक नई उम्मीद लेकर आती है, लेकिन फिर वही मायूसी हाथ लगती है। फिलहाल पूरा परिवार, स्थानीय लोग और प्रशासन अभिषेक के बारे में किसी सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहे हैं। समय बीतने के साथ मामला और अधिक रहस्यमय होता जा रहा है, जबकि परिवार की एक ही मांग है—अभिषेक को ढूंढ़कर सच्चाई सामने लाई जाए।

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नवीन सिंह देउपा

नवीन सिंह देउपा सम्पादक चम्पावत खबर प्रधान कार्यालय :- देउपा स्टेट, चम्पावत, उत्तराखंड