टनकपुर में बदहाल सड़क और जलभराव से लोग परेशान, डीएम के निर्देश के बाद भी नहीं सुधरे हालात
अमित जोशी बिट्टू
टनकपुर/चम्पावत। डिग्री कॉलेज मार्ग से पिथौरागढ़ चुंगी तक सड़क की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढों और जलभराव के कारण बारिश के दौरान सड़क पर आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं। सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहिया और भारी वाहनों के गुजरने पर पानी के छींटे राहगीरों पर पड़ने की शिकायत भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा संबंधित पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता को सड़क के गड्ढों में कोल्ड मिक्स मटेरियल डालकर मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।

लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जलभराव रोकने के लिए उचित ड्रेनेज व्यवस्था भी जरूरी है। उनका आरोप है कि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से मरम्मत के बाद सड़क फिर क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
भारी वाहनों से भी बढ़ रहा खतरा
मार्ग पर खनन एवं निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के गड्ढों से गुजरने के दौरान वाहनों में लदी सामग्री गिरने का खतरा रहता है। इससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क के और क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री के गड्ढामुक्त अभियान पर सवाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान के बीच उनकी ही विधानसभा क्षेत्र में सड़क की बदहाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण दुरुस्तीकरण कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क की वास्तविक मरम्मत चाहिए। साथ ही भारी वाहनों के सुरक्षित संचालन और उनकी लोडिंग व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित विभाग इस मार्ग को कब तक दुरुस्त करता है और स्थानीय लोगों को जलभराव व गड्ढों की समस्या से कब राहत मिलती है।

