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उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर 22 करोड़ के कथित गबन का मामला, हाईकोर्ट ने पुलिस जांच रिपोर्ट को बताया सतही

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सीबीआई से सीलबंद लिफाफे में मांगी विस्तृत राय, मूल शिकायत की जांच नहीं होने पर अदालत ने जताया असंतोष; 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई

नैनीताल। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में 22 करोड़ रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस की ओर से पेश जांच रिपोर्ट को अस्पष्ट और सतही बताते हुए असंतोष जताया। साथ ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से मामले के दस्तावेजों और आरोपों का अध्ययन कर सीलबंद लिफाफे में अपनी विस्तृत राय पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को होगी।

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न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में याचिकाकर्ता धीरज भंडारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर 22 करोड़ रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है। मामले में सीबीआई और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी पक्षकार बनाया गया है।

मूल शिकायत पर जांच नहीं होने से अदालत असंतुष्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने 26 मार्च 2025 को दिए गए निर्देशों के क्रम में पुलिस की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में पुलिस उपाधीक्षक, डोईवाला सर्किल, देहरादून अनिल कुमार जोशी ने ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर किसी अनियमितता के सामने नहीं आने की बात कही थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को अस्पष्ट और सतही माना। अदालत की टिप्पणी के अनुसार, रिपोर्ट में 15 नवंबर 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई मूल शिकायत के बिंदुओं पर न तो ठोस चर्चा की गई और न ही उनकी जांच का पर्याप्त विवरण दिया गया।

सीबीआई से मांगी गई विस्तृत राय

पुलिस रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को याचिका से जुड़े पूरे रिकॉर्ड, मूल शिकायत और प्रतिवादियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों का अध्ययन करने को कहा है। अदालत ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से निर्देश दिया कि एजेंसी आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपनी विस्तृत राय सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।
अब इस मामले में 29 अक्टूबर 2026 को होने वाली सुनवाई पर नजरें रहेंगी। सीबीआई की राय और अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्यवाही की दिशा स्पष्ट हो सकती है।