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लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर किया प्रदर्शन, प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान

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मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, ठेका प्रथा समाप्त करने समेत सात प्रमुख मांगें उठाईं

टनकपुर/चम्पावत। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार पर सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। इस संबंध में संघ की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ​सफाई कर्मचारी संघ ने यहां मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इससे पहले देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ ने जिलाध्यक्ष श्याम सिंह के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद से जुलूस निकाला गया। कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन वरिष्ठ सहायक जीवन सिंह नेगी को सौंपा गया।

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संघ की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2021 में सरकार और संघ के बीच हुए समझौते के बावजूद सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं की गई हैं। संगठन का आरोप है कि कई बार पत्राचार और अनुरोध के बावजूद सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल नहीं की, जिससे कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी है।
कहा गया है कि 19 जुलाई 2021 को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन हुआ था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 27 जुलाई 2021 को समझौता हुआ था। संघ का कहना है कि उस समय एक माह के भीतर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक अधिकांश मांगें अधूरी हैं। संगठन ने यह भी कहा कि गठित त्यागी समिति की सिफारिशों पर भी अब तक अमल नहीं किया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो उसे प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सफाई कार्य में ठेका प्रथा पूरी तरह समाप्त कर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण, विनियमितीकरण नियमावली-2025 में कट-ऑफ तिथि संशोधित कर आउटसोर्स एवं मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों को शामिल करना, वर्ष 2021 में गठित त्यागी समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करना, मृतक आश्रित नियुक्ति नियमों में शिथिलता, नई पेंशन योजना (एनपीएस) समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना, वर्षों से कार्यवाहक पदों पर कार्यरत पर्यावरण मित्रों को पदोन्नति देना तथा नगर निकायों की भूमि पर बने सफाई कर्मचारियों के आवासों का मालिकाना हक प्रदान करना शामिल है। संघ ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष श्याम सिंह वाल्मीकि, शाखा अध्यक्ष कमलेश वाल्मीकि, शाखा मंत्री सुनील वाल्मीकि, शाखा उपाध्यक्ष विनोद वाल्मीकि, संगठन मंत्री चित्रा देवी, शाखा संगरक्षण राकेश वाल्मीकि, कमलेश, राकेश, उर्मिला, अमित, सुनील, बिशाल, चंदन, उर्मिला देवी आदि शामिल रहे।