पूर्णागिरि मेले में सुरक्षा का पहरा, नशा तस्करों पर नजर; ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक पुख्ता इंतजाम
शारदीय नवरात्र पर उमड़ रहे श्रद्धालु, पुलिस-एसडीआरएफ और यातायात टीमों की तैनाती; क्षतिग्रस्त रास्तों की कराई गई मरम्मत
टनकपुर/चम्पावत। मां पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात, स्वास्थ्य और पेयजल तक के इंतजाम तेज कर दिए हैं। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर पूर्णागिरि मेला क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न मंदिरों, धार्मिक मेलों और रामलीलाओं में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सादी वर्दी में भी निगरानी रखी जा रही है। धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस तैनात
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, जल पुलिस और यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस उपाधीक्षक निहारिका सेमवाल के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। पुलिस का जोर दर्शन मार्गों पर भीड़ प्रबंधन और आवागमन को सुचारु बनाए रखने पर है।
ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक रोशनी, चिकित्सा शिविर भी
एसडीएम प्रमोद कुमार ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था की गई है। ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जबकि भैरव मंदिर में चिकित्सा शिविर स्थापित किया गया है।
हालिया बारिश से क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों और सड़कों की मरम्मत भी कराई गई है। टनकपुर से पूर्णागिरि मेला क्षेत्र तक यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पुलिस और एआरटीओ की टीमें निगरानी करेंगी, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार के निर्देश
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम जिले की धार्मिक पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में मां के दर्शन का अवसर मिले तथा वे सुखद अनुभव लेकर लौटें।

