बनबसा में नकबजनी कांड का सनसनीखेज खुलासा, दो शातिर चोर शत-प्रतिशत माल के साथ गिरफ्तार
बनबसा/चम्पावत। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चम्पावत में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बनबसा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने क्षेत्र में हुए एक बड़े नकबजनी कांड का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीते 29 मार्च 2026 को वादी ललित सिंह मेहता द्वारा अज्ञात चोरों के विरुद्ध घर की अलमारी का ताला तोड़कर जेवरात, मोबाइल फोन और नकदी चोरी किए जाने के संबंध में थाना बनबसा में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए चम्पावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने थानाध्यक्ष बनबसा को दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।एसपी के निर्देशों के क्रम में क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष बनबसा सुरेन्द्र सिंह कोरंगा के नेतृत्व में बनबसा पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम द्वारा क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण करने, संदिग्ध व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ करने और प्रभावी सुरागरसी-पतारसी करने के बाद बीते दिन 10 जून 2026 को बेलबंदगोठ (धनुषपुल क्षेत्र) के पास से दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय अर्जुन पुत्र संजीवन लाल और 26 वर्षीय देवेन्द्र प्रसाद पुत्र प्रेम प्रसाद, दोनों निवासी फागपुर, थाना बनबसा के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने अभियुक्तों के पास से चोरी किया गया एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन, तीन जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी चांदी के कान के टॉप्स और दो चांदी के सिक्के बरामद किए हैं। इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 317(2) की बढ़ोत्तरी की है, जिसके बाद दोनों अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस टीम में बनबसा थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कोरंगा, चम्पावत एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट, शारदा बैराज चौकी प्रभारी व विवेचक उपनिरीक्षक नरेश सिंह मेहरा, एसओजी के सहायक उपनिरीक्षक गणेश सिंह व कांस्टेबल गिरीश भट्ट, और थाना बनबसा के हेड कांस्टेबल नईम कुरैशी सहित कांस्टेबल जगदीश सिंह कन्याल, विक्रम सिंह व कुन्दन सिंह शामिल रहे।

