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₹85.23 करोड़ से बदलेगी टनकपुर के नायकखेड़ा की तस्वीर, बाढ़ सुरक्षा के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने किरोड़ा नाला और निर्माणाधीन परियोजना का किया निरीक्षण, 33.5 हेक्टेयर भूमि के पुनरुद्धार की योजना

टनकपुर/चम्पावत। चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को कम करने और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए नायकखेड़ा पारिस्थितिक गलियारा परियोजना के तहत ₹85.23 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन कार्यों के साथ किरोड़ा नाले का स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।

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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि नायकखेड़ा क्षेत्र लंबे समय से बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में बाढ़ के जोखिम को कम करना, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना और विकास की संभावनाओं को विस्तार देना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विकास विजन के अनुरूप क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

3.7 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण

परियोजना के तहत 3.7 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार और 1,000 मीटर लंबाई की दो डायाफ्राम दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आवागमन को सुगम बनाने के लिए 950 मीटर लंबी दो लेन की सड़क भी परियोजना में शामिल है। इन कार्यों के पूरा होने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की लगभग 33.5 हेक्टेयर भूमि के पुनरुद्धार का लक्ष्य रखा गया है।

30 एकड़ में विकसित होगा ग्रीन जोन

परियोजना में बाढ़ सुरक्षा के साथ क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत करीब 30 एकड़ क्षेत्र में हरित क्षेत्र, लैंडस्केप, एडवेंचर जोन और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास की योजना है। इससे क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

साहसिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को उम्मीद

नायकखेड़ा क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना के तहत सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय कारोबार, रोजगार और आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सुभाष चंद्र पांडेय, अधीक्षण अभियंता एचसी सिंह, अधिशासी अभियंता आरडी भट्ट, अपर सहायक अभियंता राम नवीश सिंह राणा, सहायक अभियंता वैभव सिंघल, अपर सहायक अभियंता नीतू जोशी, विजय सिंह राणा और सतीश कुमार सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।