शारदा नदी तट पर सुरक्षा दीवार अलाइनमेंट में होगा बदलाव, ग्रामीणों के विरोध के बाद अधिकारियों ने लिया निर्णय
टनकपुर/चम्पावत। शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के तहत ‘डेवलपमेंट ऑफ इकोलॉजिकल कॉरिडोर एट नायक खेड़ा’ योजना में किरोड़ा नाले के पास बनाई जा रही सुरक्षा दीवार के संरेखण (अलाइनमेंट) को बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। हाल ही में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने थ्वालखेड़ा गांव में नाले के बाएं किनारे पर प्रस्तावित सुरक्षा दीवार का स्थलीय निरीक्षण किया।
स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षा दीवार के वर्तमान संरेखण का कड़ा विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कि वर्तमान अलाइनमेंट के कारण सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बहुत अधिक हो रही है, जिससे उनके, पशुओं और कृषि उपकरणों के आवागमन का रास्ता पूरी तरह बंद हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में आई बाढ़ से उनकी निजी भूमि नाले के कटाव की जद में आ गई थी, जिसके बाद सिंचाई विभाग ने उनकी सुरक्षा के लिए आपदा मद से ‘सी०सी० स्पर’ बनाए थे। वर्तमान में इस स्थान पर पेड़ भी मौजूद हैं। ग्रामीणों की मांग थी कि स्पर और वायर क्रेट के आगे से नई सुरक्षा दीवार बनाई जाए ताकि आवागमन सुगम रहे और पेड़ों को भी नुकसान न पहुंचे।ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या और उनके विरोध को देखते हुए कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारियों ने आपस में विचार-विमर्श किया।
इसके बाद अधिकारियों ने सर्वसम्मति से सुझाव दिया कि सुरक्षा दीवार के अलाइनमेंट को सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित स्परों के आगे रखना ही उचित होगा। इस नए बदलाव से सुरक्षा दीवार पूर्व निर्धारित अलाइनमेंट से लगभग 6 से 7 मीटर नाले की ओर शिफ्ट हो जाएगी। इस निर्णय से ग्रामीणों के आवागमन की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा और नाले के किनारे स्थित पेड़ भी सुरक्षित बच सकेंगे। ग्रामीणों ने भी इस नए प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है। संयुक्त निरीक्षण टीम में सिंचाई उपखण्ड टनकपुर के सहायक अभियंता मनोज कुमार, यूपीडीसीसीएल के परियोजना प्रबंधक अमित बंसल, राजस्व उप निरीक्षक (तहसील पूर्णागिरी) राजेंद्र पंगरिया, इजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स के टीम लीडर सत्यजीत रॉय गुप्ता, मैसर्स अरुण कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि ए०एल० मित्तल, थ्वालखेड़ा की ग्राम प्रधान हेमा जोशी, पूर्व प्रधान सतीश पांडेय और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस मामले में आगामी कार्रवाई के लिए उच्च स्तर से दिशा-निर्देश मांगे हैं।

